
जामुड़िया। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जामुड़िया के श्यामला क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक उत्तरेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को युवाओं ने स्वैच्छिक श्रमदान कर सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। भुड़ी, फरफरी और श्यामला गांव के युवाओं ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर से लेकर निकट स्थित अजय नदी तक जाने वाले मार्ग की व्यापक साफ-सफाई की, ताकि जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को उत्तरेश्वर महादेव मंदिर में दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु पहले अजय नदी में पुण्य स्नान करते हैं, वहां से जल लेकर भगवान उत्तरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय युवाओं ने स्वयं आगे आकर मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग और नदी तक जाने वाले रास्ते को साफ-सुथरा बनाने का बीड़ा उठाया। रविवार सुबह शुरू हुए इस अभियान के दौरान युवाओं ने मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर मंदिर परिसर तक उगी झाड़ियों और खरपतवार को हटाया। इसके साथ ही मंदिर परिसर की सफाई कर उसे स्वच्छ बनाया गया। अजय नदी तक जाने वाले कच्चे मार्ग की भी सफाई की गई, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। अभियान के प्रमुख आयोजकों में शामिल राजीव बाउरी ने बताया कि उत्तरेश्वर महादेव मंदिर की क्षेत्र में विशेष धार्मिक मान्यता है। प्रत्येक वर्ष श्रावण मास सहित विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि श्रावण के प्रथम सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भुड़ी, फरफरी और श्यामला गांव के युवाओं ने मिलकर यह स्वच्छता अभियान चलाया, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और अजय नदी से जल लाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि समाज और धर्म की सेवा करना सभी का दायित्व है। यदि स्थानीय लोग मिलकर इस प्रकार के जनहित एवं धार्मिक कार्यों में भागीदारी निभाएं, तो श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। युवाओं की इस सराहनीय पहल की मंदिर के सेवायत अमिय अधिकारी ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने जिस निस्वार्थ भाव से श्रमदान कर मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र की सफाई की है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। इस दौरान सेवायत अमिय अधिकारी ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष अपील भी जारी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अजय नदी का जलस्तर एवं नदी की स्थिति सामान्य नहीं है, इसलिए जो श्रद्धालु नदी में स्नान करने जाएंगे, वे पूरी सावधानी बरतें।उन्होंने श्रद्धालुओं से सतर्कता के साथ नदी में उतरने तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाने की अपील की। स्थानीय लोगों का मानना है कि युवाओं की इस सेवा भावना से न केवल मंदिर परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित हुआ है, बल्कि श्रावण के पावन अवसर पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्रवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एवं धार्मिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
