जामुड़िया के गगन स्पेशल ट्यूब कारखाने की पहल, धसल गांव में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, सैकड़ों ग्रामीण हुए लाभान्वित

जामुड़िया। जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र स्थित गगन स्पेशल ट्यूब प्राइवेट लिमिटेड कारखाने की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत धसल गांव में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर इसका लाभ उठाया। कंपनी की इस पहल से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। शिविर का आयोजन दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल के सहयोग से किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों की ईसीजी, हृदय संबंधी जांच, रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा (शुगर) तथा सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके अलावा मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। सुबह से ही शिविर में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ने लगी और देर तक जांच का सिलसिला जारी रहा। ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी राहत मिलती है। उन्हें बिना किसी खर्च के विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और परामर्श प्राप्त हो जाता है। लोगों ने कंपनी की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। कंपनी के अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि गगन स्पेशल ट्यूब प्राइवेट लिमिटेड पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सीएसआर के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल औद्योगिक उत्पादन करना नहीं, बल्कि अपने आसपास के क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास में भी सक्रिय योगदान देना है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए कारखाने के आसपास रहने वाले लोगों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना उत्पादन कार्य। इसी सोच के साथ समय-समय पर विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्वास्थ्य जांच शिविर भी उसी प्रयास का हिस्सा है। आने वाले समय में भी कंपनी सीएसआर के तहत ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।”शिविर के सफल आयोजन पर स्थानीय ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की पहल से गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी विकसित होगी।

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