
जामुड़िया। अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी एवं अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सीआईएसएफ यूनिट ईसीएल शीतलपुर द्वारा कमांडेंट राहुल सिंह गौतम के नेतृत्व में ड्रोन आधारित निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। मई से जुलाई 2026 के दौरान विभिन्न संवेदनशील कोयला क्षेत्रों में कुल 09 ड्रोन सर्विलांस अभियान संचालित किए गए, जिनके माध्यम से कई निष्क्रिय एवं सक्रिय अवैध खनन स्थलों, अवैध मुहानों तथा संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। सीआईएसएफ द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ड्रोन सर्विलांस 14 मई को पहाड़गोड़ा ओसीपी (सालानपुर), 21 मई को इतापाड़ा ओसीपी (सालानपुर), 23 मई को गलफरबाड़ी क्षेत्र (मुगमा), 28 मई को बांसरा एनएसएस ओसीपी (कुनुस्तोरिया), 29 मई एवं 18 जून को नाला कास्ता पीएनडी, 11 जून को पटमोहना (सोडपुर), 22 जून को सामडी (सालानपुर) तथा 15 जुलाई को गौरांडी (सालानपुर) क्षेत्र में किया गया। ड्रोन सर्विलांस के दौरान कई स्थानों पर अवैध उत्खनन, परित्यक्त खदानों में बने अवैध मुहानों तथा चोरी की संभावनाओं वाले संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की गई। इन स्थलों की जानकारी ईसीएल प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन के साथ साझा की गई, जिसके आधार पर अवैध मुहानों को भरने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा अन्य निवारक उपायों की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। कमांडेंट राहुल सिंह गौतम ने बताया कि ड्रोन तकनीक के उपयोग से दुर्गम एवं जोखिमपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी अधिक प्रभावी हुई है। इससे अवैध गतिविधियों की समय रहते पहचान संभव हो रही है तथा ईसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ यूनिट ईसीएल शीतलपुर अवैध खनन एवं कोयला तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन आधारित निगरानी आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी, ताकि राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अवैध खनन एवं कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
