जामुड़िया के सिघारन नदी का विधायक डॉ. विजय मुखर्जी ने किया निरीक्षण, बोले- नदी को नाले में तब्दील नहीं होने देंगे,विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा

जामुड़िया। जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली प्राचीन सिघारन नदी पर कथित अवैध अतिक्रमण, जलधारा को बाधित किए जाने, औद्योगिक इकाइयों द्वारा रासायनिक अपशिष्ट छोड़े जाने तथा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के आरोपों के बीच शुक्रवार को जामुड़िया के भाजपा विधायक डॉ. विजय मुखर्जी ने नदी के विभिन्न हिस्सों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, बीडीओ, बीएलआरओ सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान विधायक ने नदी के उद्गम से लेकर विभिन्न प्रभावित हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने उन स्थानों का भी निरीक्षण किया, जहां स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से नदी पर अतिक्रमण, जल प्रवाह बाधित होने तथा औद्योगिक प्रदूषण की शिकायतें की जाती रही हैं। विधायक ने स्थानीय ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी भी ली। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डॉ. विजय मुखर्जी ने कहा कि जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अधिकांश बड़े कारखानों द्वारा किसी न किसी रूप में सिघारन नदी पर अतिक्रमण किया गया है, लेकिन सबसे अधिक अतिक्रमण श्याम सेल कंपनी द्वारा किए जाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर नदी की चौड़ाई इतनी कम कर दी गई है कि वह मात्र पांच फीट चौड़े नाले में तब्दील होती दिखाई दे रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि श्याम सेल कंपनी ने कई स्थानों पर नदी की मूल धारा को अपने कारखाना परिसर के भीतर शामिल कर लिया है। इतना ही नहीं, नदी के ऊपर अवैध रूप से पुल का निर्माण कर भारी वाहनों का आवागमन कराया जा रहा है, जिससे नदी की प्राकृतिक संरचना और जल प्रवाह दोनों प्रभावित हो रहे हैं। विधायक ने कहा कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो भविष्य में नदी का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है। डॉ. मुखर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों द्वारा नदी में दूषित रासायनिक अपशिष्ट छोड़े जाने से जल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। विधायक ने स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्याम सेल कंपनी में स्थानीय लोगों की उपेक्षा की जा रही है। उनके अनुसार यदि कोई स्थानीय युवक नौकरी के लिए आवेदन करता है तो उसे यह कहकर मना कर दिया जाता है कि केवल 45 किलोमीटर के दायरे के बाहर के लोगों को ही रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय आधार कार्ड या स्थानीय बैंक खाते वाले आवेदकों को भी नौकरी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। क्षेत्र के लोग एक ओर कारखानों से निकलने वाले प्रदूषण का दुष्प्रभाव झेल रहे हैं, दूसरी ओर उनकी नदी पर अतिक्रमण किया जा रहा है और स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार से भी वंचित रखा जा रहा है। यह स्थानीय जनता के साथ अन्याय है।
डॉ. विजय मुखर्जी ने स्पष्ट कहा कि सिघारन नदी जामुड़िया की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर है। इस नदी को किसी भी कीमत पर समाप्त या नाले में तब्दील नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जुटाए गए तथ्यों और स्थानीय लोगों की शिकायतों को लेकर वह राज्य विधानसभा में यह मामला उठाएंगे तथा आवश्यक होने पर संबंधित विभागों से हस्तक्षेप की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि नदी को अतिक्रमण मुक्त कर उसकी प्राकृतिक जलधारा को पुनर्जीवित करना समय की आवश्यकता है। यदि नियमों का उल्लंघन कर किसी ने सरकारी भूमि या नदी क्षेत्र पर कब्जा किया है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक ने विश्वास जताया कि प्रशासन इस गंभीर मामले में आवश्यक कदम उठाएगा ताकि सिघारन नदी का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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