
आसनसोल। तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में आसनसोल के चंदा स्थित आसनसोल नॉर्थ प्वाइंट स्कूल में शनिवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं रोबोटिक्स प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स पर आधारित अनेक अभिनव मॉडल एवं परियोजनाओं का प्रदर्शन किया।विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं आगंतुकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन विद्यालय के संस्थापक एवं चेयरमैन सचिंद्रनाथ रॉय, प्राचार्य राजीव शॉ तथा विशिष्ट अतिथियों रोटेरियन दीपक कुमार रुद्र, रोटेरियन समीर कुमार चौधरी और रोटेरियन जयंती चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से उनकी परियोजनाओं की कार्यप्रणाली, उद्देश्य तथा उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी ली। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने स्मार्ट ऑटोमेशन, सेंसर आधारित उपकरण, रोबोटिक मॉडल, एआई आधारित समाधान तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। छात्रों ने आत्मविश्वास के साथ अपनी परियोजनाओं का प्रदर्शन करते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग समाज की विभिन्न चुनौतियों के समाधान में किस प्रकार किया जा सकता है।

इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों के नवाचारी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स तेजी से विकास के प्रमुख आधार बन रहे हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की भावना और तकनीकी कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों से नई तकनीकों के प्रति जिज्ञासा बनाए रखने और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। विद्यालय के प्राचार्य राजीव शॉ ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना भी है। इसी सोच के साथ विद्यालय समय-समय पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित गतिविधियों का आयोजन करता है, ताकि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने का अवसर मिल सके। प्रदर्शनी को अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य आगंतुकों से भी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, रचनात्मकता और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए इसे भविष्य की शिक्षा की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया। विद्यालय प्रबंधन ने भी भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
