पश्चिम बंगाल में सीबीआई को फिर मिली ताकत, सरकार ने बहाल की सामान्य सहमति

 

कोलकाता, 08 जून । पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच शुरू करने के लिए “सामान्य सहमति” या “स्थायी अनुमति” बहाल कर दी है। इस फैसले के बाद अब सीबीआई को ऐसे मामलों में जांच शुरू करने के लिए राज्य सरकार से अग्रिम अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
हालांकि, सरकार ने इस निर्णय में एक शर्त भी जोड़ी है। इसके तहत यदि मामला राज्य सरकार के किसी कर्मचारी या अधिकारी से जुड़ा हो, तो सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।
गौरतलब है कि, वर्ष 2018 में तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सीबीआई को दी गई यह सामान्य सहमति वापस ले ली थी। इसके बाद सीबीआई को पश्चिम बंगाल में किसी भी मामले में जांच शुरू करने के लिए या तो राज्य सरकार से अलग-अलग अनुमति लेनी पड़ती थी या फिर अदालत के आदेश पर ही जांच आगे बढ़ाई जा सकती थी।
नए फैसले के तहत राज्य सरकार ने 1946 के दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत पूर्ववर्ती सरकार के उस निर्णय को पलटते हुए यह सामान्य सहमति पुनः लागू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 2018 में सहमति वापस लिए जाने के बावजूद कई मामलों में सीबीआई ने भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी रखी थी। उस दौरान तत्कालीन राज्य सरकार ने कई मामलों में सीबीआई जांच का विरोध किया था और उच्चतम न्यायालय का रुख भी किया गया था।
केंद्र सरकार का यह भी तर्क रहा है कि किसी भी राज्य सरकार को ऐसी व्यवस्था अपनाकर जांच एजेंसियों की शक्तियों को सीमित नहीं किया जा सकता, जिससे जांच प्रभावित हो या आरोपितों को संरक्षण मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *