चार साल बाद नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी को निगम कार्यालय में मिला केबिन

पश्चिम बर्दवान, 08 जून । आसनसोल नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी को आसनसोल नगर निगम कार्यालय में अपना अलग केबिन मिल गया। सोमवार को उन्होंने विधिवत रूप से अपने नए केबिन में प्रवेश किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई पार्षद और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आसनसोल नगर निगम के वर्तमान बोर्ड का गठन हुआ था, लेकिन तब से लेकर अब तक नेता प्रतिपक्ष के लिए अलग कार्यालय कक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया था। लगभग चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद और अगले नगर निगम चुनाव से करीब छह महीने पहले उन्हें यह सुविधा मिली है।

अपने नए केबिन में प्रवेश के बाद चैताली तिवारी से नगर निगम के विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुलाकात की।

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से भाजपा पार्षद लगातार नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष के लिए अलग केबिन की मांग कर रहे थे, ताकि जनसमस्याओं के समाधान और लोगों के कार्यों को प्रभावी ढंग से किया जा सके। हालांकि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा।

चैताली तिवारी ने कहा कि अब नियमों के अनुरूप उन्हें निगम कार्यालय में केबिन मिला है, जिससे वे आम लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से उठा सकेंगी। उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर अन्नपूर्णा भंडार जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी।

जब उनसे पूछा गया कि नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद उन्हें अब तक अलग केबिन क्यों नहीं दिया गया, तो उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार की जानकारी विपक्ष तक न पहुंचे, इसलिए भाजपा को लंबे समय तक निगम की गतिविधियों से दूर रखा गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि बोर्ड बैठकों में भाजपा पार्षदों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता था।

उन्होंने कहा कि अब राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद परिस्थितियां बदली हैं और उन्हें उम्मीद है कि नगर निगम में पारदर्शिता के साथ लोगों की सेवा की जाएगी तथा विपक्ष की भूमिका को भी उचित सम्मान मिलेगा।

वहीं, इस मुद्दे पर आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय ने विपक्ष की उपेक्षा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम में सभी पार्षदों और जनप्रतिनिधियों का समान रूप से सम्मान किया जाता है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता।

नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर चैताली तिवारी के आरोपों पर मेयर ने कहा कि इस विषय पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ है तो उसे उजागर करने और जांच कराने के लिए संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं।

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष को अलग केबिन मिलने को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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