अत्याचार करने वालों और उनके सरपरस्तों को भी मिलेगी सजा : अग्निमित्रा पाल

कोलकाता , 08 जून।पश्चिम बंगाल सरकार में महिला एवं शिशु कल्याण तथा शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने अपने उत्तर बंगाल दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कानून-व्यवस्था, पर्यटन विकास, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तथा दार्जिलिंग के समग्र विकास को लेकर राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री अग्निमित्रा पाल ने नेपाली भाषा के महान साहित्यकार एवं रामायण के नेपाली अनुवादक भानुभक्त आचार्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सांसद राजू बिष्ट तथा अन्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विकासात्मक बैठकों में हिस्सा लिया।

उन्होंने हैप्पी वैली स्थित एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) केंद्र का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
पत्रकारों द्वारा राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवालों पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो लोग पिछले 15 वर्षों से सत्ता के संरक्षण में आम जनता पर अत्याचार करते रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा, “कोई यदि अपराधी है और उसे लगता है कि चुनाव नहीं लड़ने या सार्वजनिक जीवन से दूर रहने से वह बच जाएगा, तो ऐसा नहीं होने वाला। पश्चिम बंगाल में जिन लोगों ने वर्षों तक लोगों को डराकर, बंदूक दिखाकर वोट देने से रोका और अत्याचार किया है, उन सभी को कानून के तहत सजा मिलेगी। केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षणदाता और सरपरस्तों को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा।”

दार्जिलिंग और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों के विकास पर बोलते हुए अग्निमित्रा पाल ने बताया कि राज्य सरकार दार्जिलिंग क्षेत्र में पांच नई हिल सिटी विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग और मिरिक जैसे पर्यटन स्थलों पर साल भर भारी संख्या में पर्यटक आते हैं, जिसके कारण यातायात और आधारभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ता है।
मंत्री ने कहा, “हमारी योजना है कि दार्जिलिंग क्षेत्र में पांच नए हिल टाउन या हिल सिटी विकसित किए जाएं ताकि पर्यटन का दबाव विभाजित हो सके और क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके। मिरिक भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा है। इन क्षेत्रों को नया स्वरूप देकर विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।”

अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार विकास और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन इस दौरान गरीब और रोजी-रोटी पर निर्भर लोगों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी गरीब के पेट पर लात नहीं पड़नी चाहिए। अतिक्रमण हटेगा, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीब और मेहनतकश लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।”

मंत्री के इस दौरे को दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के विकास, पर्यटन विस्तार तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

 

 

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