
रानीगंज । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ शिल्पांचल, रानीगंज की ओर से गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संदेश के साथ विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रानीगंज से लेकर षष्टीगोरिया पार्क परिसर तक अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रजातियों के 10 पौधे लगाए गए तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रानीगंज की समाजसेविका अनीशा भुवालका उपस्थित रहीं। उनके अलावा कराटे प्रशिक्षक शिशिर बाग, जायका रेस्टोरेंट के संचालक शंभूनाथ झा, वरिष्ठ पत्रकार दलजीत सिंह वाधवा तथा प्रेस क्लब ऑफ शिल्पांचल के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, अंधाधुंध वृक्षों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है, जिसका दुष्प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन की आधारशिला है। पेड़-पौधे हमें स्वच्छ वायु, फल, फूल, औषधियां और जीवनदायी वातावरण प्रदान करते हैं। इसके बावजूद मानव अपने स्वार्थ के लिए लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों और संकटों का सामना करना पड़ेगा। मुख्य अतिथि अनीशा भुवालका ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। इस मौके पर प्रेस क्लब ऑफ शिल्पांचल के सदस्यों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की मांग है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और अधिक से अधिक पौधे लगाने का सामूहिक संकल्प लिया.इस पौधारोपण अभियान के माध्यम से प्रेस क्लब ऑफ शिल्पांचल ने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि हर व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है।
