
आसनसोल। राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से हाल ही में ‘स्वच्छा’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से अब आम नागरिक अपने आसपास जमा कचरे या गंदगी से संबंधित शिकायतें सीधे नगर निकायों तक पहुंचा सकेंगे। इस नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत फिलहाल राज्य के 10 नगर निकायों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। नई व्यवस्था के तहत नागरिक अपने मोबाइल फोन से किसी भी स्थान पर पड़े कचरे या गंदगी की तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित नगर निकाय की ओर से तत्काल कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए विशेष रूप से क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है, जो शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी। प्रत्येक क्विक रिस्पॉन्स टीम में चार सफाईकर्मी, एक वाहन चालक तथा एक सहायक कर्मी शामिल होंगे। नगर निकायों के अनुसार प्रत्येक 10 वार्डों पर एक टीम की तैनाती की गई है, ताकि शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों का दावा है कि शिकायत दर्ज होने के दो घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। कचरा हटाने और सफाई कार्य संपन्न होने के बाद संबंधित टीम मौके की तस्वीर दोबारा ऐप पोर्टल पर अपलोड करेगी। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई की सूचना भेजी जाएगी, जिससे वह यह जान सकेगा कि उसकी शिकायत का समाधान हो चुका है। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों का नगर निकायों के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा। सरकार ने शिकायत दर्ज करने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया है। यदि किसी शिकायत पर निर्धारित दो घंटे की समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो इसकी सूचना स्वतः संबंधित नोडल अधिकारी तथा उच्च प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। वहीं यदि शिकायत 24 घंटे बाद भी लंबित रहती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी सोच के तहत ‘स्वच्छा’ ऐप को विकसित किया गया है, ताकि नागरिकों की भागीदारी के माध्यम से शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में इस व्यवस्था का विस्तार चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी नगर निकायों तक किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है और नागरिकों को अपनी शिकायतों के त्वरित समाधान का लाभ प्राप्त होगा।
