विकसित भारत तथा सोनार बंगला के निर्माण में सार्थक भूमिका निभाने का संकल्प लिया लघु उद्योग भारती ने

 

कोलकाता । लघु उद्योग भारती, पश्चिम बंगाल (दक्षिण संभाग) से जुड़े सदस्यों ने गत 23 मई को यहां आयोजित एक आयोजन में यह संकल्प लिया कि विकसित भारत तथा सोनार बंगला बनाने की दिशा में सार्थक योगदान दिया जाय। इनलोगों ने लघु उद्योगों के माध्यम से बंगाल में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। ज्ञातव्य है कि हाल ही में बंगाल में चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्यान्य केन्द्रीय व स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे पर काफी जोर दिया था। राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद लघु उद्योग भारती ने इस दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान करने की पहल की है। संगठन ने इस पहल का नेतृत्व करने के लिए अत्यंत कर्मठ के. के. सेकसरिया को भार दिया है। करीब एक माह पहले अध्यक्ष पद पर उनका चयन किया गया है। हाल ही में लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में उपरोक्त संकल्प किया गया।
श्री सेकसरिया ने स्वागत भाषण मे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र के विकास एवं सशक्तिकरण हेतु लघु उद्योग भारती की वर्तमान गतिविधियों, भावी योजनाओं, दृष्टिकोण एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उद्यमिता विकास, कौशल विकास तथा महिला एवं युवा उद्यमियों के सशक्तिकरण को संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। साथ ही विभिन्न उत्पाद समूहों एवं औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से संगठन से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। जयप्रकाश अग्रवाल (संघ चालक, मध्य हावड़ा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने अपने आशीर्वचन में सदस्यों को औद्योगिक एवं सामाजिक विकास हेतु समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
प्रख्यात उद्योगपति सुशील बाहेती ने औद्योगिक भूमि उपलब्धता की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उद्यमिता विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता के माध्यम से कम से कम दस नए उद्यमियों को मार्गदर्शन एवं सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।


सरोज कुमार साहू (अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती एवं प्रभारी, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा) ने लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय दृष्टिकोण, उद्देश्यों एवं वर्ष 1994 से देशभर में संचालित विभिन्न गतिविधियों पर विस्तृत प्रकाश डाला।उन्होंने तकनीकी हस्तांतरण, बाजार विकास, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, कौशल विकास पहल तथा सरकारी नीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों, नए सदस्यों एवं वर्तमान सदस्यों को अपने विचार, सुझाव एवं क्षेत्र विशेष की समस्याएँ साझा करने के लिए एक सार्थक संवाद मंच प्रदान किया गया। चर्चा में उद्योग विकास एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र की प्रगति हेतु व्यावहारिक समाधान खोजने की सामूहिक प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। समारोह का समापन देब प्रसाद मुखर्जी (महासचिव, लघु उद्योग भारती, पश्चिम बंगाल) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्यगण, उद्योग प्रतिनिधि, अतिथि एवं नवसदस्य उपस्थित थे। इनमें रतन कोनार (अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, पश्चिम बंगाल (मध्य संभाग), समीर पॉल, ललित अग्रवाल, संजय गोयनका, नरेश जालान, ओ. पी. बांगड़ , सुनील अग्रवाल प्रमुख हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सेकसरिया ने की। संचालन रमेश सोभासरिया (मानद सचिव, लघु उद्योग भारती, पश्चिम बंगाल (दक्षिण संभाग) द्वारा किया गया। समारोह के सफल आयोजन में अमित चिरावाला( कोषाध्यक्ष) चंदन राय,शुभम , ऋतुराज , राजेश एवं इंद्राणी ने सक्रिय सहयोग दिया।

सीताराम अग्रवाल

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