
अंडाल। पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल क्षेत्र स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के बांकोला क्षेत्र की श्यामसुंदरपुर कोलियरी में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। करीब 70 वर्ष पुरानी जर्जर पानी की विशाल टंकी अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में ड्यूटी पर तैनात ईसीएल की दो महिला पंप ऑपरेटर घायल हो गईं। टंकी के ध्वस्त होने से पूरे क्षेत्र की जलापूर्ति ठप हो गई, जिसके कारण लगभग 30 से 35 हजार लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। घटना के बाद कोलियरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार तड़के अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते वर्षों पुरानी पानी की टंकी भरभराकर गिर पड़ी। उस समय टंकी के नीचे स्थित पंप हाउस में ड्यूटी कर रही दो महिला कर्मचारी मलबे की चपेट में आ गईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और अन्य कर्मचारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर दुर्गापुर के एक निजी हस्पताल में भर्ती कराया। घायलों की पहचान संगीता देवी (50 वर्ष) और प्रभावती भुइयां (50 वर्ष) के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों को सामान्य चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दुर्घटना सुबह के समय हुई, जब क्षेत्र में लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। यदि यही हादसा दिन के व्यस्त समय में होता, तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। टंकी के ध्वस्त हो जाने के कारण श्यामसुंदरपुर कोलियरी तथा आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति तत्काल बंद करनी पड़ी। इसके चलते करीब 30 से 35 हजार लोगो के बीच पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया हैं। ईसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करने में जुटे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पूरे परिसर को असुरक्षित घोषित कर घेराबंदी कर दी गई है। सूचना मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और ट्रेड यूनियनों के नेता घटनास्थल पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। ट्रेड यूनियन नेताओं ने इस हादसे के लिए ईसीएल प्रबंधन की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि कोलियरी परिसर में मौजूद कई पुराने और जर्जर ढांचों के रखरखाव तथा सुरक्षा परीक्षण की लंबे समय से अनदेखी की जा रही थी। यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा ऑडिट कराया गया होता, तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था। यूनियन नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा कोलियरी परिसर में स्थित सभी पुराने भवनों, जल टंकियों और अन्य संरचनाओं का तत्काल सुरक्षा ऑडिट (सेफ्टी ऑडिट) कराने की मांग की है। साथ ही घायल महिला कर्मियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, समुचित मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है। प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि लगभग सात दशक पुरानी पानी की टंकी किन परिस्थितियों में ढही और इसके रखरखाव में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। समाचार लिखे जाने तक इस घटना को लेकर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
