डामरा नदी घाट से अवैध बालू तस्करी करने के आरोप में विवेक सहित तीन गिरफ्तार

सत्ता बदलते ही अवैध कारोबारियों पर पुलिस ने शुरू किया नकेल कसना

अवैध कारोबारों को पूरी तरह बंद करने का निर्देश जारी

रानीगंज। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद एवं राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही अवैध बालू एवं अवैध कोयला के खिलाफ पुलिस कमर कसते हुए मैदान में उतर चुकी है। इसी क्रम में गुरुवार के तड़के सुबह आसनसोल दक्षिण थाना अंतर्गत डामरा इलाके में स्थित दामोदर नदी घाट से अवैध रूप से बालू खनन करने के आरोप में पुलिस ने विवेक चक्रवर्ती सहित अन्य दो लोगों को धर दबोचा। गुरुवार को तीनों आरोपियों को आसनसोल जिला अदालत के सीजेएम कोर्ट में चालान कर चार दिनों का पुलिस रिमांड पर लिया गया। कोयलांचल में सत्ता परिवर्तन होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। एक बार फिर अवैध बालू एवं कोयला खनन पर भाजपा की नई सरकार की तीखे तेवर सामने आई है। आसनसोल दक्षिण विधानसभा की विधायक अग्निमित्रा पाल ने पदभार संभालते ही साफ शब्दों में दामोदर नदी की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये हैं। आरोप लगाया कि अवैध बालू खनन और कुप्रबंधन के कारण नदी की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हुई है, क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि डामरा इलाके में लम्बे समय से अवैध बालू खनन को विवेक चक्रवर्ती, पप्पू माझी, दोलू, संतोष रवानी एवं कथित तौर से पुलिस थाना का वाहन चालक गोलू एक सिंडिकेट बनाकर अवैध कार्य को अंजाम दे रहे थे। विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा नेत्री अग्निमित्रा पाल ने इस विषय पर कई बार अपनी आवाज बुलंद की, परंतु तत्कालीन सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण के कारण अवैध बालू माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परंतु सत्ता परिवर्तन होते ही अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है एवं बीते कुछ दिनों से लगातार गिरफ्तारी भी शुरू हो गई है। गौरतलब है कि दामोदर नदी के डामरा नदी घाट के किनारे बड़े-बड़े बालू के ढेर नजर आते थे, लेकिन नदी से बालू गायब है। नदी में मिट्टी उभर आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के तल में मिट्टी दिखाई देना इस बात का संकेत है कि उसकी जल संचयन की क्षमता तेजी से घट रही है। इसका सीधा असर इलाके की जल व्यवस्था पर पड़ रहा है। एक ओर जहां औद्योगिक क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की कमी महसूस की जा रही है, वहीं दूसरी ओर दामोदर नदी से छोटी नालियों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने वाले किसानों को भी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डामरा में विवेक चक्रवर्ती एवं पप्पू माझी ने मिलकर अवैध बालू खनन के लिए पूरी नदी की वास्तविक धारा को मोड़ दिया है। जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सत्ता परिवर्तन से लोगों को इस दिशा में ठोस कार्रवाई होने की उम्मीद है।

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