तृणमूल में भाई भतीजावाद के आरोप, पार्टी विधायक कुणाल घोष की टिप्पणी से पार्टी में हलचल

कोलकाता, 14 मई । तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने शपथ ग्रहण के बाद अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयान देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने संगठन में ‘स्वजनपोषण’ (भाई भतीजावाद) और आंतरिक गुटबाजी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

विधानसभा चुनाव में जीत के बाद विधायक पद की शपथ लेने के तुरंत बाद कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उत्तर और मध्य कोलकाता में पहले जिन नेताओं तापस राय और सजल घोष को पार्टी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था, उन्हें रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

उन्होंने लिखा कि आज वही नेता विधायक बन चुके हैं, जबकि वे स्वयं भी तृणमूल कांग्रेस के विधायक के रूप में शपथ ले रहे हैं। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पार्टी में स्वजनपोषण की राजनीति चल रही है, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए आत्ममंथन जरूरी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के साथ ही बने रहेंगे और संगठन के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं तृणमूल नेता तापस राय ने इस टिप्पणी को महत्व न देते हुए कहा कि आत्मविश्लेषण से कोई खास बदलाव नहीं होगा। सजल घोष ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उस समय परिस्थितियां अलग थीं और निर्णय दबाव में लिए गए थे।

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