
हुगली, 23 मार्च। हुगली जिला की तेज गति से आगे बढ़ रही साहित्यिक संस्था ‘शब्द साधना ‘के बैनर तले नवरात्रि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम अध्यक्ष हिमाद्री मिश्र ‘हिम ‘ ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर्व, उपवास व्रत और संकल्पों की ऐसी मंजूषा है जिसकी तुलना विश्व में सम्भव ही नहीं। हमारी संस्कृति में पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन के प्रतीक हैं। नवरात्रि का मूल आधार शक्ति की उपासना है। इनहोंने यह बाते रिसडा के इसकोट स्कूल में कार्यक्रम के दौरान कहीं। मंच पर परिलक्षित मुख्य अतिथि सीमा मिश्र, प्रधान अतिथि डाॅ उर्वशी श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि प्रिया श्रीवास्तव ने भी बाते रखीं। दूसरे सत्र में कविताओं का दौर चला जिसमें चन्द्रिका प्रसाद पाण्डेय ‘अनुरागी ‘,जय कुमार रूसवा, डाॅ मनोज मिश्र, रणजीत भारती, कमलापति पाण्डेय ‘निडर ‘,रूपम महतो, विष्णु दत्त उपाध्याय, चन्द्रभानु गिरिजाशंकर कलावती, अनिल कुमार सिंह, डाॅ शाहिद फरोगी, मुश्ताक जैर, नजीर राही, शिवम तिवारी, दिनेश कुमार धानुक, मोहम्मद अय्यूब वारसी ‘कोलकतवी ‘,जतिब हयाल, भागीरथी कुर्मी, सुरेन्द्र सिंह, मोहन चतुर्वेदी ‘बैरागी ‘,ओमप्रकाश चौबे, अवधेश मिश्र ‘सबरंग ‘और संस्था महासचिव राम पुकार सिंह ‘पुकार गाजीपुरी ने गीत, गजल,कविता से ओत-प्रोत कर देने वाली रचनाओं से राममय वातावरण बन गया। श्रोताओं ने संवेदनशील रचनाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृष्णानंद मिश्र, सत्य प्रकाश पाण्डेय, दीपचंद सोनकर फणीभूषण और आदित्य त्रिपाठी का योगदान रहा। समारोह का सफल संचालन प्रदीप कुमार धानुक व धन्यवाद ज्ञापन साहित्य मंत्री डाॅ शिव प्रकाश दास ने दिया।
