
आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं। इसी क्रम में आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 87 के पार्षद तथा राज्य तृणमूल कांग्रेस समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक रुद्र ने टिकट न मिलने पर अपनी गहरी नाराजगी सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। अशोक रुद्र ने सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से संगठन के प्रति समर्पित रहने और आम जनता के हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने के बावजूद उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे विभिन्न जनआंदोलनों और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं, फिर भी उन्हें उचित महत्व नहीं दिया गया।अशोक रुद्र का दावा है कि आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट के लिए जारी प्रारंभिक सूची में उनका नाम सबसे ऊपर था, किंतु अंतिम समय में इसे हटा दिया गया। इस निर्णय से वे काफी आहत हैं और इसे अपने साथ अन्याय मानते हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी नेतृत्व से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग भी की है। हालांकि, इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वही इस मामले मे राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण को लेकर उभरता असंतोष चुनावी माहौल में पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को किस प्रकार शांत करता है और आगामी चुनाव में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
