
रानीगंज। शहर के अस्तित्व को बचाने की मांग को लेकर रानीगंज बचाओ मंच का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में आज रानीगंज के थाना रोड स्थित एक निजी कार्यालय में मंच की ओर से एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में मंच के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे और ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। इस संवाददाता सम्मेलन में मंच के प्रमुख सदस्य गौतम घटक, प्रदीप नंदी, आर.पी. खैतान, बलराम राय, श्रवण तोदी और बिद्युत पाण्डेय सहित संगठन के अन्य सदस्य मौजूद थे।
ओसीपी से शहर के अस्तित्व पर खतरे का आरोप
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गौतम घटक ने कहा कि जिस प्रकार से रानीगंज क्षेत्र में ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) विकसित किए जा रहे हैं, उससे पूरे शहर के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के खनन कार्यों को इसी तरह जारी रखा गया तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच की ओर से कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से यह अनुरोध किया गया है कि ओपन कास्ट प्रोजेक्ट के बजाय पारंपरिक भूमिगत खदानों (अंडरग्राउंड माइंस) के विकास पर जोर दिया जाए, जिससे खनन कार्य भी चलता रहे और स्थानीय लोगों को अपने घर-बार से विस्थापित न होना पड़े।
प्रशासन के रवैये पर नाराजगी
मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही है। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है, जिससे लोगों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं।
19 तारीख को होगा धरना-प्रदर्शन
मंच की ओर से घोषणा की गई कि रानीगंज के लोगों के अधिकारों और शहर के अस्तित्व की रक्षा के लिए आगामी 19 तारीख को रानीगंज मारवाड़ी हॉस्पिटल के निकट धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन के माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान इस ज्वलंत समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
“यह केवल स्थानीय नहीं, पूरे शहर के अस्तित्व का सवाल”
गौतम घटक ने कहा कि रानीगंज आज जिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है, वह केवल किसी एक इलाके की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे शहर के अस्तित्व से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो इसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।
आंदोलन को व्यापक बनाने की चेतावनी
रानीगंज बचाओ मंच के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया और ओपन कास्ट प्रोजेक्ट को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मंच ने शहर के आम लोगों से भी इस आंदोलन में शामिल होकर रानीगंज को बचाने की मुहिम में सहयोग करने की अपील की है।
