
आसनसोल। गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल (पूर्वी भारत) की ओर से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित 13वें गुरमत समर कैंप का सफल समापन आसनसोल बर्नपुर के ध्रुवडंगाल स्थित शहीद बाबा दीप सिंह जी गुरुद्वारा में हुआ। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों को सिख धर्म, गुरमत विचारधारा तथा नैतिक मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह चार दिवसीय शिविर 1 जून से 4 जून तक आयोजित किया गया। इस शिविर में बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 120 सिख विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल (पूर्वी भारत) के सचिव गुरविंदर सिंह ने बताया कि शिविर का आयोजन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी तथा गुरिंदर सिंह माथेवाल के पूर्ण सहयोग से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे आधुनिक तकनीक और मोबाइल फोन की दुनिया में अधिक व्यस्त हो रहे हैं, जिसके कारण उनका धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव कम होता जा रहा है। ऐसे में इस प्रकार के शिविर बच्चों को अपनी धार्मिक विरासत, संस्कृति और गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में वास्तविक सफलता और तरक्की प्राप्त करने के लिए आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा भी अत्यंत आवश्यक है। शिविर के दौरान बच्चों को गुरमुखी लिपि, गुरबाणी पाठ, सिख रहित मर्यादा, सिख इतिहास तथा गुरमत सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न शिक्षाप्रद एवं प्रेरणादायक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम में जगदेव सिंह, हरविंदर सिंह एवं जितेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को सिख धर्म के आदर्शों, गुरु साहिबानों के जीवन एवं उनके उपदेशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में इन शिक्षाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह के अवसर पर विद्यार्थियों के बीच विभिन्न धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। शिविर के सफल आयोजन में ध्रुवडंगाल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरपाल सिंह जौहल, गुरुद्वारा कमेटी के सभी सदस्यों तथा स्त्री सत्संग सभा की महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी प्रतिवर्ष ध्रुवडंगाल स्थित गुरुद्वारा में इस प्रकार के गुरमत समर कैंप का आयोजन किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को सिख धर्म की महान परंपराओं और संस्कारों से जोड़ा जा सके।
