
रंगों की फुहार : कविताओं की धार
कोलकाता, 4 मार्च: राष्ट्रीय कवि संगम, पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा बागुईआटी के गणपति विहार में पिछले रविवार को ‘होलिकोत्सव एवं कवि सम्मेलन’ का भव्य आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. गिरिधर राय ने की। इस अवसर पर ‘उत्सव मूर्ति’ के रूप में प्रख्यात समाजसेवी शिक्षक श्री विनय कुमार शर्मा एवं मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश मिश्र उपस्थित थे। समारोह का शुभारंभ सुश्री हिमाद्रि मिश्र द्वारा प्रस्तुत सुमधुर ‘सरस्वती वंदना’ से हुआ।
सम्मान समारोह:
समारोह का मुख्य आकर्षण श्री विनय कुमार शर्मा का सम्मान रहा। समाज के प्रति उनके निस्वार्थ योगदान हेतु उन्हें अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री शर्मा ने विनम्रतापूर्वक अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

काव्य-पाठ एवं अध्यक्षीय उद्बोधन:
होली के उल्लास के बीच कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। काव्य-पाठ करने वाले प्रमुख साहित्यकारों में पुनीत अग्रवाल, रेखा रजक, स्वागता बसु, सुषमा राय पटेल, कंचन राय, ललिता जोशी, कामायनी संजय, राजेश मिश्रा और सूर्य बसु शामिल थे।
इसी कड़ी में, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. गिरिधर राय ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कार्यकर्ताओं की कर्मठता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। तत्पश्चात, उन्होंने अपने विशेष अंदाज़ में हास्य-व्यंग्य की कविताओं की ऐसी झड़ी लगाई कि उपस्थित जनसमूह लोटपोट हो गया। उनकी धारदार और मनोरंजक रचनाओं ने कार्यक्रम के आनंद को कई गुना बढ़ा दिया।

अतिथियों का स्वागत एवं उपस्थिति:
अतिथियों का स्वागत व सम्मान मुख्य रूप से तारकेश राय,संतोष काबरा, ध्रुव कपूर, कैलाश मुंद्रा, अशोक झुनझुनवाला, जुगल कयाल, रवि शर्मा, पवन पटवारी ने किया।
श्रोताओं के रूप में रानी कपूर, रीता कयाल, अहिल्या देवी चौधरी, अमर अग्रवाल, राजीव सिंह, सुरेश गुप्ता, सीए गोपाल गोयल, देवेन्द्र माहेश्वरी, मनोज सोनी, रतेंद्र पाण्डेय, संजय जाजोदिया, प्रतीक सोनी, प्रमोद शर्मा, और कृष्णानन्द मिश्र, रामा शंकर शर्मा, प्रभाष मूंदड़ा, किशन बागरिया,विष्णु खेमका,जय प्रकाश अग्रवाल सहित गणपति विहार के अनेक गणमान्य निवासी उपस्थित रहे।
प्रबंधन एवं समापन:
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुड्डी कुमारी शर्मा, पुष्पा दमानी, वीणा झुनझुनवाला और निलांजन पाल (बाबू) ने अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम का कुशल संचालन स्वागता बसु एवं सुषमा राय पटेल ने किया। अंत में श्री जुगल कयाल द्वारा प्रस्तुत जोरदार धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
