
आसनसोल। आसनसोल में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रस्तावित चुनाव को लेकर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को उम्मीदवार के रूप में अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे गुरचरण सिंह ने एक पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए। वही इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरचरण सिंह ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) के संशोधन की प्रक्रिया विधिवत और पारदर्शी ढंग से पूर्ण नहीं की गई है। उनके अनुसार, अधूरी और त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची के आधार पर निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मतदान संभव नहीं हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा अत्यंत जल्दबाजी में की गई है तथा मात्र दस दिनों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है, जो व्यवहारिक दृष्टि से उचित नहीं है। गुरचरण सिंह ने मांग की कि मतदाता सूची के संशोधन एवं पुनरीक्षण के लिए कम से कम 45 दिनों का समय प्रदान किया जाए, ताकि सभी पात्र मतदाताओं के नाम विधिवत जोड़े जा सकें और सूची में मौजूद त्रुटियों को सुधारा जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस विषय पर आपत्ति दर्ज कराई, तो उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास किया गया। गुरचरण सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक मतदाता सूची का संशोधन पारदर्शी तरीके से पूर्ण नहीं होता, तब तक वे चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगे। वही इस पत्रकार वार्ता में पूर्व आसनसोल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान कुलदीप सिंह सलूजा, पूर्व उम्मीदवार राजन सिंह बग्गा सहित सिख समाज के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने भी निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया।वहीं इस पूरे प्रकरण पर वर्तमान प्रधान एवं उम्मीदवार अमरजीत सिंह की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। अब देखना यह होगा कि चुनाव समिति इस विवाद पर क्या निर्णय लेती है और मतदाता सूची संशोधन की मांग पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।
