
– उप प्रबंधक संदीप भालोटीया कोऑपरेटिव बैंक
रानीगंज रानीगंज के कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के रीजनल डायरेक्टर निरंजन सिन्हा के नेतृत्व में एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के सहयोग से कुछ वर्ष पहले कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट के तहत एक एफपीओ का रजिस्ट्रेशन किया गया था लेकिन यह फिलहाल कार्यरत नहीं है।
चुकीं पिछले कुछ समय में पश्चिम बर्दवान जिले में 5 एफपीओ का जो लक्ष्य रखा गया था उसमें से बाराबनी, जामुरिया, अंडाल और पांडेश्वर एफपीओ कार्यरत है और सफलता के साथ इसके सदस्यों को काफी फायदा मिल रहा है। वहीं पूरे राज्य में कुल 87 एफपीओ सफलता के साथ काम कर रहे हैं।
सिर्फ रानीगंज में इसकी कार्यविधि को पूर्ण रूप से शुरू करने के लिए इस सभा का आयोजन किया गया है जिसमें केंद्रीय और राज्य सरकार के अन्य विभागों के भी कई अफसर शामिल हैं।
इस एफपीओ के अंतर्गत रजिस्टर्ड सदस्य बनने से कई तरह के लाभ है।
इसके अलावा नोडल सहयोगी या क्लस्टर बेस बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन बनने पर बैंक को एक बड़ी राशि का लाभ होगा और मासिक भाड़े और ऑफिस यूटिलिटी के अलावा एक अकाउंट ऑफिसर और एक अन्य सीईओ की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
रानीगंज कोऑपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन संदीप भालोटीया से अनुरोध किया कि इस एफपीओ को इसके मूल स्वरूप में जल्द ही कार्यरत किया जाए और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए ।
श्री संदीप भालोटिया ने बताया कि एफपीओ के सदस्य बनने के लिए 18 वर्ष का होना और रानीगंज ब्लॉक का निवासी होना जरूरी है और जिसके अंतर्गत कृषि और कृषि जनित चीजों के उत्पादन या व्यवसाय से जुड़ा होना इसकी शर्तों में आता है।
यही नहीं एफपीओ पूर्ण रूप से कार्यरत होने के बाद क्लस्टर के रूप में इसे कई अन्य सुविधाएं मिलती है जिससे समाज के वर्गों को बहुत अच्छा फायदा मिलता है और वह अपने जीवन यापन और अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक सिद्ध हो पाते हैं।
श्री भालोटीया ने बताया कि बैंक की आगामी सभा में इस पर चर्चा कर सभी सदस्यों की राय लेकर इस एफपीओ की कार्य विधि को आगे बढ़ने का निर्णय लिया जाएगा।
