
जामुड़िया। जामुड़िया के न्यू केंदा मोड़ स्थित केंदा फाड़ी मैदान में रविवार से शुरू हुए “स्वनिर्भर बांग्ला” प्रकल्प के तहत आयोजित शिविर का बुधवार को पश्चिम बर्दवान के जिला शासक एस. पोनावेलम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में लगाए गए विभिन्न कैंपों का परिदर्शन किया और वहां उपस्थित लोगों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
जिला शासक ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षी योजना “स्वनिर्भर बांग्ला” के अंतर्गत “युवा साथी”, “खेत मजदूर” और “लखी भंडार” शिविरों का आयोजन पूरे राज्य सहित पश्चिम बर्दवान जिला में 15 फरवरी से 26 फरवरी तक किया जा रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि “युवा साथी” योजना के तहत माध्यमिक उत्तीर्ण 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवा आवेदन कर प्रति माह 1500 रुपये की सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। वहीं “खेत मजदूर” प्रकल्प के अंतर्गत ऐसे किसान या कृषक मजदूर जिनकी अपनी जमीन नहीं है और वे दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से प्रतिवर्ष 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जिला शासक ने यह भी स्पष्ट किया कि “लखी भंडार” योजना का लाभ जिन महिलाओं को अब तक नहीं मिल पाया है, वे शिविर में आवेदन पत्र भरकर जमा कर सकती हैं। प्रशासन की ओर से शिविर में ही दस्तावेज सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान जामुड़िया पंचायत समिति के सह-सभापति सिद्धार्थ राना, डोबराना ग्राम पंचायत की प्रधान प्रमिला कोले, केंदा फाड़ी प्रभारी मदन मोहन दत्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
स्थानीय लोगों ने शिविर के आयोजन को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा मिलने से उन्हें काफी सहूलियत हो रही है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि आगामी दिनों में भी शिविर के माध्यम से और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
