चुनाव आयोग द्वारा निलंबित सात एईआरओ की सेवा समाप्त नहीं होगी : ममता बनर्जी

 

कोलकाता, 17 फरवरी । ममता बनर्जी ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निलंबित किए गए सात सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (एईआरओ) की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी। हालांकि उन्हें चुनाव संबंधी किसी भी दायित्व से अलग रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्हें किसी भी चुनावी कार्य में नहीं लगाया जाएगा, लेकिन राज्य सरकार उन्हें अन्य विभागों में नियुक्त करेगी। मुझे विश्वास है कि वे वहां बेहतर कार्य करेंगे।

उल्लेखनीय है कि आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कर्तव्य में कथित लापरवाही के आरोप में सोमवार को इन सात अधिकारियों को निलंबित किया था।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एकतरफा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। आयोग लगातार निर्वाचन अधिकारियों पर दबाव बना रहा है और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहा है। आयोग को अधिक लोकतांत्रिक ढंग से कार्य करना चाहिए।

वहीं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि निलंबन विधिक प्रावधानों के तहत और ठोस आधार पर किया गया है। सूत्रों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का बार-बार उल्लंघन किए जाने के कारण यह कदम उठाया गया।

सूत्रों ने यह भी बताया कि पर्यवेक्षकों द्वारा संबंधित अधिकारियों को सावधान किया गया था, लेकिन चेतावनी के बावजूद उन्होंने दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने परोक्ष रूप से आयोग में नियुक्त एक वरिष्ठ प्रौद्योगिकी अधिकारी पर भी सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि अन्य राज्यों में जिन दस्तावेजों को वैध पहचान प्रमाण माना जाता है, उन्हें पश्चिम बंगाल में स्वीकार नहीं किया जा रहा है और राज्य के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *