हड्डियों का दुश्मन जायंट सेल ट्यूमर: जानलेवा या सामान्य? जानें लक्षण, जांच और इलाज

कोलकाता के प्रतिष्ठित साप्ताहिक समाचार पत्र “कोलकाता सारांश” के संपादक मधुसूदन शर्मा ने प्रख्यात ऑर्थोपेडिक एवं ऑर्थो-ऑन्को सर्जन डॉ. ज्योति प्रकाश के साथ एक विशेष संवाद किया। इस महत्वपूर्ण बातचीत में डॉ. प्रकाश ने जॉइंट सेल ट्यूमर—हड्डियों का एक गंभीर और जानलेवा रोग—के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की…..

प्रश्न: जायंट सेल ट्यूमर (जीसीटी) क्या होता है?
उत्तर: जायंट सेल ट्यूमर हड्डियों का एक सामान्य लेकिन गंभीर ट्यूमर है, जो मानव शरीर की किसी भी हड्डी को प्रभावित कर सकता है। यह खासतौर पर डिस्टल रेडियस (कलाई के पास), डिस्टल फीमर (घुटने के पास) और प्रॉक्सिमल टिबिया में पाया जाता है। यह कैंसर जैसा नहीं फैलता, लेकिन अनुपचारित रहने पर हड्डी टूटने या विकृति का खतरा बढ़ाता है।

प्रश्न: जीसीटी कितना जानलेवा है?

उत्तर: यह ज्यादातर सौम्य (नॉन-कैंसरस) होता है, लेकिन 10-20% मामलों में आक्रामक होकर पड़ोसी ऊतकों पर हमला कर सकता है। समय पर इलाज से 90% रोगी ठीक हो जाते हैं, अन्यथा फैक्चर या दोबारा होने का जोखिम रहता है।

 

प्रश्न: जीसीटी का पता कैसे चलता है?
उत्तर: कलाई या घुटने के पास लगातार दर्द, सूजन या बिना चोट के हड्डी टूटना जीसीटी का संकेत हो सकता है। तुरंत ऑर्थो सर्जन से संपर्क करें। डॉक्टर पहले एक्स-रे कराते हैं, जो विशिष्ट लुक देता है (चित्र 2 देखें)। फिर एमआरआई, सीटी स्कैन या एचआरसीटी जैसे टेस्ट होते हैं। सर्जरी मुख्य इलाज है, जिसमें ट्यूमर हटाया जाता है।

प्रश्न: क्या जीसीटी शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में भी फैलता है?

उत्तर: जी हां। शरीर के एक भाग का ट्यूमर सीधा तिशिद्ध पता न लग पाने से और चिकित्सा में देरी से शरीर के अन्य भागों में फैलता है। उदाहरण के तौर पर, कलाई के पास होने वाला जीसीटी बहुत जल्दी फेफड़ों को प्रभावित कर लेता है। इसलिए शुरुआती जांच जरूरी है।

प्रश्न: क्या जीसीटी सेल ट्यूमर एक असाध्य बीमारी है?
उत्तर: नहीं, बिल्कुल नहीं। अन्य व्याधियों की तरह जीसीटी का भी समुचित इलाज संभव है, बशर्ते तुरंत मेडिकल सुविधा ली जाए और उसका पालन किया जाए। चिकित्सा उपरांत मरीज सामान्य जीवन यापन कर सकते हैं।

प्रश्न: जीसीटी का उपयुक्त चिकित्सा के क्या-क्या विकल्प हैं?
उत्तर: सबसे पहले, जीसीटी के बहुत सारे विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका निर्धारण बीमारी के स्टेज पर होता है। प्रारंभिक अवस्था में सर्जरी सबसे प्रभावी है, जिसमें ट्यूमर को पूरी तरह हटा दिया जाता है।जिसमें एक्सटेंडेड क्योरेटेज एंड एडजुवेंट्स, वाइड लोकल एक्सीजन, और जोड़ का आर्थ्रोडेसिस आदि शामिल हैं।
कभी-कभी लक्षित दवा चिकित्सा भी अपनाई जाती है, जो ट्यूमर कोशिकाओं पर सीधा असर डालती है।जीसीटी जॉइंट्स और हड्डियों के आसपास दुर्लभ ट्यूमर है, लेकिन जागरूकता से इसे काबू में किया जा सकता है।

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