आसनसोल। आसनसोल के चौरंगी पुलिस फाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले दिल्ली कोलकाता मुख्य राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर पिछले कई महीनों से लगातार जाम की समस्या सामने आ रही है। वाहन चालकों का आरोप है कि कुलटी ट्रैफिक पुलिस द्वारा “नो एंट्री” का हवाला देकर कोयला लदे ट्रकों को घंटों सड़क किनारे खड़ा कर दिया जाता है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी कतारें लग जाती हैं और यातायात बाधित होता है। ड्राइवरों के अनुसार, वे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की बेंजमारी कोलियरी से कोयला लोड कर जामुड़िया, रानीगंज, दुर्गापुर सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सप्लाई के लिए निकलते हैं। उनका कहना है कि कोलियरी से निकलते समय उन्हें कोई नहीं रोकता, लेकिन जैसे ही वे मुख्य राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर पहुंचते हैं, ट्रैफिक पुलिस सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक “नो एंट्री” बताकर वाहनों को रोक देती है।
चालकों का आरोप है कि नो एंट्री खत्म होने तक सैकड़ों ट्रक सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इससे दिल्ली–कोलकाता ही नहीं, बल्कि कोलकाता–दिल्ली दिशा की आवाजाही भी प्रभावित होती है। लंबी कतारों के कारण जाम की स्थिति बनती है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि जाम के कारण रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी हो रही है।
वाहन चालकों का यह भी दावा है कि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले ट्रांसपोर्ट वाहनों को इस तरह नहीं रोका जाता, वे आसानी से गुजर जाते हैं। ऐसे में स्थानीय कोयला परिवहन वाहनों के साथ कथित “सौतेला व्यवहार” क्यों किया जा रहा है, यह सवाल उठ रहा है।
चालकों के अनुसार, पहले इस तरह की सख्ती नहीं थी, लेकिन पिछले आठ महीनों से यह नया नियम लागू होता दिख रहा है। फैक्ट्रियों में माल खाली कर लौटने वाले ट्रकों को भी रोके जाने की शिकायत सामने आई है, जिससे परिवहन चक्र प्रभावित हो रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चालकों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी संबंधित कोलियरी प्रबंधन को भी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका कहना है कि यदि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए कोई समय-सीमा तय की गई है, तो उसे पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए और सभी प्रकार के वाहनों पर समान रूप से लागू किया जाए।
इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर सुचारू यातायात सुनिश्चित हो सके और आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल
