
जामुड़िया। जमुड़िया विधानसभा क्षेत्र के कूआ मोड़ इलाके के 5 नंबर वॉर्ड स्थित काउंसिलर बंदना रुइदास के कार्यालय के बाहर एक बेंदी स्तंभ पर तृणमूल कांग्रेस का पार्टी झंडा उल्टी अवस्था में लहराते देखा गया। घटना सामने आते ही स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और माहौल गरमा गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, काउंसिलर कार्यालय के बाहर लगे स्तंभ पर पार्टी का झंडा उल्टा बंधा हुआ था। राहगीरों और स्थानीय लोगों की नजर जब इस पर पड़ी तो इसको लेकर इलाके में चर्चा शुरू हो गया। देखते ही देखते यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया। झंडे के उल्टा लहराने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित होने लगीं, जिसके बाद विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ दल पर तीखे हमले शुरू कर दिए। यह झंडा सत्तारूढ़ दल (तृणमूल कांग्रेस) का बताया जा रहा है। वही इस घटना को लेकर भाजपा जिला नेता संतोष सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव में इस राज्य में परिवर्तन तय है। सरकार भाजपा बनाएगी और तृणमूल कांग्रेस का पतन निश्चित है। इसकी शुरुआत जमुड़िया विधानसभा के 5 नंबर वॉर्ड से ही दिखाई दे रही है। जब वॉर्ड काउंसिलर के कार्यालय में ही पार्टी का झंडा उल्टा लहरा रहा है, तो यह आने वाले बदलाव का संकेत है। कुछ दिन और इंतजार कीजिए, इसी तरह सरकार भी उलट जाएगी।” भाजपा के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया। वही दूसरी ओर, जामुड़िया 1 नंबर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष सुब्रत अधिकारी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि हमारी पार्टी का झंडा जानबूझकर उल्टा लगाया गया है। झंडे की रस्सी सही तरीके से बंधी नहीं थी। तृणमूल के विकास कार्यों से घबराकर भाजपा अब गंदी राजनीति पर उतर आई है।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से माहौल को भड़काने की कोशिश की जा रही है। जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे छोटे-छोटे घटनाक्रम भी बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले रहे हैं। जमुड़िया में झंडा उल्टा लहराने की यह घटना भी अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गई है। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की घटनाएं अक्सर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और टकराव को जन्म देती हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि झंडा गलती से उल्टा लगाया गया था या जानबूझकर ऐसा किया गया। लेकिन इस घटना ने जमुड़िया की राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
