सिलीगुड़ी नगर निगम का 638 करोड़ से अधिक का बजट पेश

सिलीगुड़ी, 13 फरवरी। उत्तर बंगाल के प्रमुख नगरों में शामिल सिलीगुड़ी में विकास की रफ्तार तेज करने के उद्देश्य से सिलीगुड़ी नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष के लिए 638 करोड़ 42 लाख रुपये का वार्षिक बजट पेश किया है। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है, जिससे स्पष्ट है कि नगर प्रशासन शहर को क्षेत्रीय आर्थिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव ने निगम बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को बजट पेश किया। इस अवसर पर निगम के चेयरमैन, सत्तारूढ़ दल के पार्षदों के साथ-साथ विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बजट को शहर के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा के रूप में प्रस्तुत किया गया।

बजट में शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। नगर निगम परिसर के प्रवेश द्वार पर ‘सिलीगुड़ी म्यूजियम’ की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय इतिहास, विरासत और उत्तर बंगाल की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया जा सके।

इसके अलावा कावाखाली क्षेत्र में आधुनिक कला एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य पहले ही प्रारंभ हो चुका है। यह केंद्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सम्मेलनों की मेजबानी करने में सक्षम होगा, जिससे शहर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

बजट में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता दी गई है। डंपिंग ग्राउंड के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार की योजना बनाई गई है ताकि कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

ईस्टर्न बाईपास इलाके में साइकिलिंग और जॉगिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं पर भी खर्च बढ़ाया गया है।

कॉलेज पाड़ा क्षेत्र में ‘बुक पाड़ा’ विकसित करने की योजना भी बजट में शामिल है। यह क्षेत्र पुस्तकों, शैक्षणिक गतिविधियों और साहित्यिक आयोजनों का केंद्र बनेगा, जिससे विद्यार्थियों और पाठकों को विशेष लाभ मिलेगा।

नगर निगम का दावा है कि इस बजट के माध्यम से सड़कों, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि योजनाबद्ध निवेश से सिलीगुड़ी को उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार के रूप में और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो सिलीगुड़ी न केवल क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि सतत शहरी विकास का एक मॉडल भी प्रस्तुत कर सकेगा।

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