
जामुड़िया। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कानूनों के विरोध में दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 तारीख को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। इस आह्वान को लेकर कोयला खदान क्षेत्रों में राजनीतिक और श्रमिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) हड़ताल के समर्थन में मजदूरों को एकजुट करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर इसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस से सम्बंधित संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में आगामी 12 तारीख को ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेक)द्वारा बुलाए गए प्रस्तावित हड़ताल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस (केकेएससी) की ओर से बुधवार को ईसीएल के कुनुस्तोड़िया कोलियरी मे पीट सभा आयोजित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। वही सभा में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित केकेएससी के महामंत्री सह जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में प्रस्तावित हड़ताल को मजदूर हित के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह की हड़ताल से उत्पादन कार्य प्रभावित होगा और इसका सीधा असर मजदूरों की आय पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कोयला उत्पादन को बनाए रखना और कंपनी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना सभी श्रमिकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

हरेराम सिंह ने कहा कि केकेएससी हमेशा श्रमिकों की जायज़ मांगों के समर्थन में रही है, लेकिन किसी भी प्रकार की हड़ताल अंतिम विकल्प नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना व्यापक सहमति और संवाद के हड़ताल का आह्वान करना उचित नहीं है। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे 12 तारीख को काम पर उपस्थित रहें और उत्पादन को बाधित न होने दें। आगे उन्होंने कहा कि संवाद और वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच सकारात्मक बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया। वही कार्यक्रम के अंत में संगठन की ओर से सभी श्रमिकों से एकजुट रहकर कंपनी और श्रमिक हित में निर्णय लेने का आह्वान किया गया।
