ईसीएल के सीएमडी सतीश झा ने सातग्राम श्रीपुर क्षेत्र का किया दौरा

रानीगंज। माइंस क्लोजर एक्टिविटी प्लान, वित्तीय वर्ष के बचे हुए दो महीना में उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की तैयारी एवं आगामी वर्ष के उत्पादन लक्ष्य को लेकर ईसीएल के महा निदेशक (सीएमडी) सतीश झा ने बुधवार को सातग्राम श्रीपुर एरिया के विभिन्न इलाकों का दौरा करने के बाद एरिया के गेस्ट हाउस में एरिया के सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान महानिदेशक ने सर्वप्रथम स्पोर्ट्स एक्टिविटी को लेकर श्रीपुर के पूर्व महाप्रबंधक कार्यालय के निकट खेल के मैदान का निरीक्षण किया, इसके पश्चात वे एरिया के एबीपिट कोलियरी इलाके में पहुंचे। जहां रेशम का उत्पादन एवं बगीचा के स्थल का मुआयना किया। इसके पश्चात वे जामुड़िया के मंडलपुर इलाके में गए जहां उन्होंने एक खेत का निरीक्षण किया एवं वहां के किसानों से बातचीत की। वहां खेती एवं बाग बगीचे के लिए पानी के स्रोत की जानकारी ली। सिंचाई के लिए पानी के स्रोत के लिए वे जामुड़िया के जल सरवराह सेवा सदन समिति द्वारा संचालित पंप हाउस एवं उद्यान का निरीक्षण किया एवं समिति के लोगों से बातचीत की। इसके पश्चात महा निदेशक ने श्रीपुर सातग्राम एरिया के गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सातग्राम श्रीपुर एरिया के महाप्रबंधक रॉबिन थनौजा सहित एरिया के सर्वेयर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में एरिया के उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए महानिदेशक ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही अगले वर्ष के उत्पादन के लक्ष्य पर भी चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए महानिदेशक सतीश झा ने कहा कि भारत सरकार की नई पॉलिसी के तहत जहां खदाने बंद हो जा रही हैं। वहां माइंस क्लोजर एक्टिविटी प्लान लाया गया है। इस प्लान के तहत आज सातग्राम श्रीपुर एरिया के जामुड़िया एवं सेंट्रल जामुड़िया कोलियरी इलाके का मुआयना किया गया। जब वहां की खदानें खुली थी तो उसमें इकोनॉमिक एक्टिविटी था। उसमें कोयला उत्पादन होता था। कोयला बिकने के बाद आसपास के लोगों को लाभ मिलता था। अब जब खदानें बंद हो गई है तो वहां जो जमीन है एवं जो संसाधन है उसे हम स्वरोजगार कैसे पैदा कर सकते हैं। इस पर प्लान बना है। जिसका नाम माइंस क्लोजर प्लान है। इसमें स्पोर्ट्स एक्टिविटी, रेशम का उत्पादन, फल वाले वृक्षों का बागान लगाना है। इन सब प्लान को सेल्फ हेल्प ग्रुप अगर कमान संभाल लेता है तो इससे किसी का जीवन यापन हो जाएगा। इन सब प्लान को लेकर आज मैं इलाके का दौरा किया हूं। इसके अलावा इस वित्त वर्ष के बचे हुए 2 महीने में उत्पादन का लक्ष्य एवं अगले वर्ष के उत्पादन का लक्ष्य को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करूंगा।

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