
हुगली, 23 जनवरी । हुगली जिले में इस वर्ष सरस्वती पूजा एक अलग ही कारण से चर्चा में है। राज्यभर में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) के बीच पांडुआ विधानसभा क्षेत्र के बैचिग्राम में एसआईआर थीम पर आयोजित सरस्वती पूजा ने लोगों का ध्यान खींचा है। इस अनोखी प्रस्तुति को लेकर स्थानीय स्तर पर खूब चर्चा हो रही है।
बैचिग्राम की सुपरस्टार पूजा कमेटी द्वारा आयोजित यह सरस्वती पूजा इस साल अपने 28वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी वे कुछ अलग और सामाजिक संदेश देने वाली थीम प्रस्तुत करना चाहते थे। मौजूदा समय में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर समाज में हो रही चर्चा को देखते हुए, इसी विषय को पूजा की थीम के रूप में चुना गया।
पूजा पंडाल में प्रवेश करते ही दर्शकों को दो मानव आकृतियां दिखाई देती हैं, जिन्हें बीएलओ और बीएलए का प्रतीक बताया जा रहा है। इनके हाथों में वोटर लिस्ट और एन्यूमरेशन फॉर्म दर्शाए गए हैं। थीम के अनुसार, ये दोनों विद्या की देवी मां सरस्वती के पास एसआईआर फॉर्म लेकर पहुंचे हैं। देवी की अभिव्यक्ति के जरिए संदेश दिया गया है कि अब हर किसी को इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
इस थीम को लेकर राजनीतिक रंग देने के आरोप भी लगे हैं। स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने दावा किया है कि पूजा में राजनीति को शामिल किया गया है। हालांकि पूजा कमेटी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
आयोजकों का कहना है कि इस थीम को गलत नजरिए से देखा जा रहा है और इसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या चुनाव आयोग की आलोचना करना नहीं है।
पूजा कमेटी के सचिव प्रीतम मुखर्जी ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद लोगों को एसआईआर प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग एसआईआर में सहयोग करें। अगर वोटर लिस्ट में किसी तरह की गलती है, तो उसे सही किया जाए। चुनाव आयोग जो काम कर रहा है, उसके प्रति हमारा समर्थन है। हमारा संदेश केवल इतना है कि वोटर लिस्ट में हर नागरिक का नाम सही तरीके से दर्ज हो।”
आयोजकों का कहना है कि सरस्वती पूजा के मंच से सामाजिक जागरूकता का यह प्रयास लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है और इसी वजह से यह पूजा पूरे हुगली जिले में चर्चा का विषय बन गई है।-
