पश्चिम बंगाल चुनाव : 14 मार्च तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की रूट मार्च अनिवार्य

 

कोलकाता, 11 मार्च । भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल प्रशासन को निर्देश दिया है कि राज्य के सभी जिलों में उपलब्ध केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की रूट मार्च और क्षेत्र प्रभुत्व अभ्यास का पहला चरण 14 मार्च की रात आठ बजे तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक सूत्र के अनुसार आयोग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार अब तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 480 कंपनियां दो चरणों में पश्चिम बंगाल पहुंच चुकी हैं। आयोग पहले ही इन 480 कंपनियों का जिला-वार आवंटन भी पूरा कर चुका है।

इसी बीच आयोग ने सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी सुब्रत गुप्ता को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। वे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान कार्यवाहक विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

इसके साथ ही आयोग ने 2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के बाद जिन जिलों में बड़े पैमाने पर चुनाव बाद हिंसा की घटनाएं हुई थीं, वहां के संबंधित थानों के तत्कालीन थाना प्रभारियों का विवरण भी मांगा है।

यह जानकारी राज्य पुलिस के कार्यवाहक महानिदेशक पीयूष पांडे से तलब की गई है। इसके अलावा ज्ञानेश कुमार ने उस समय इन थाना प्रभारियों के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों का भी पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।

आयोग का मानना है कि चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *