दक्षिण 24 परगना, 22 जनवरी । उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ की सूची जारी करने और सुनवाई में माध्यमिक का एडमिट कार्ड स्वीकार करने सहित कई निर्देश देने के बीच दक्षिण 24 परगना के राजपुर सोनारपुर नगर पालिका के एक सुनवाई केंद्र में एक आश्चर्यजनक घटना सामने आई है। मतदाताओं को एक ‘रहस्यमय’ फॉर्म दिया जा रहा है।
हालांकि यह फॉर्म क्यों और किसके निर्देश पर दिया जा रहा है, इस बारे में स्थानीय चुनाव अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
इस मामले में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस तरह का फॉर्म देने के संबंध में कोई निर्देश नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय में शिकायत मिलने पर आयोग कार्रवाई करेगा।
राजपुर सोनारपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 32 के बूथ संख्या 252 और 253 पर यह फॉर्म दिया गया है। फॉर्म के ऊपर लिखा है, ‘वंशज संबंधी जानकारी प्रदान और घोषणापत्र’। मूल रूप से वंशजों से संबंधित जानकारी के लिए यह फॉर्म दिया जा रहा है।
फॉर्म पर काटवा विधानसभा का नाम और पश्चिम बंगाल सरकार के प्राथमिक शिक्षा विभाग का लोगो है। चुनाव आयोग की सुनवाई में इस तरह का फॉर्म क्यों और किस निर्देश पर दिया जा रहा है, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इन दोनों बूथों के मतदाताओं की सुनवाई के लिए कुल 150 लोगों को बुलाया गया था। आरोप है कि जिन परिवारों में छह या उससे अधिक सदस्य हैं, उन्हें यह विशेष फॉर्म दिया जा रहा है।
मतदाताओं का दावा है कि फॉर्म शिक्षा विभाग के पोर्टल के फॉर्म जैसा दिखता है।
खबर मिलते ही राजपुर सोनारपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 32 के पार्षद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने भी इस घटना का तीव्र विरोध किया। आरोप है कि संबंधित बीएलओ से बात करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पार्षद वरुण सरकार ने गुरुवार को कहा कि खबर मिलने के बाद मैं इस सुनवाई केंद्र पर आया। मैंने आयोग के अधिकारियों से पूछा कि यह फॉर्म आपको कहां से मिला? आपने यह फॉर्म क्यों दिया? मुझे बताया गया कि जो चाहेंगे, वे इस फॉर्म को भरकर दे सकते हैं, चाहें तो न भी दें। बिल्कुल गलत फॉर्म बांटा जा रहा है। इस फॉर्म को लेकर इलाके में भ्रम की स्थिति बन गई है।
