प्राकृतिक चिकित्सा शिविर के माध्यम से “प्रकृति की ओर लौटने” का संदेश – समर्पण ट्रस्ट की सराहनीय पहल

 

72 से अधिक लोगों की हुई प्राकृतिक चिकित्सा।

कोलकाताः समाज के स्वास्थ्य, संतुलन एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से निरंतर सक्रिय समर्पण ट्रस्ट द्वारा साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित द्विदिवसीय “प्राकृतिक चिकित्सीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर (Naturopathic Health Check-Up Camp)” अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रूप में संपन्न हुआ। यह शिविर जनहित की भावना से प्रेरित एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य-संबंधी पहल रहा, जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से नागरिकों को तन, मन एवं आत्मा के संतुलन हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

शिविर का विधिवत उद्घाटन सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य, नाड़ी विशेषज्ञ एवं कायचिकित्सा विशेषज्ञ तथा मानद चिकित्सक — माननीय राज्यपाल, पश्चिम बंगाल डॉ. पीयूष द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में श्री अरुण भुवालका प्रधान अतिथि, श्री महावीर बंका मुख्य अतिथि, श्री सुरेंद्र कुमार अग्रवाल एवं अक्षय बींजराजका जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्मण पल्ले, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, श्री कोनिजेती रोसैया गवर्नमेंट नेचर क्योर हॉस्पिटल, हैदराबाद अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में दो दिवसीय शिविर के दौरान पूर्ति समूह के निदेशकद्वय सपत्नीक किशोर पंसारी, सपत्नीक महेश पंसारी, हंसराज बामलवा सपत्नीक, कम्फर्ट लेडी के मनोज गुप्ता सपत्नीक, बिजनेसमैन आशु सिंह, श्याम लाल अग्रवाल समेत 72 नागरिकों का प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श किया गया। इस अवसर पर डा. पल्ले ने कहा कि आज के भाग दौड़ भरे जीवनशैली में आदमी यदि प्रकृति के अनुरूप जीवन का अनुशरण करे तो उसे कोई समस्या नहीं होगा।

शिविर के दौरान समर्पण ट्रस्ट के सभापति श्री दिनेश बजाज ने डॉ. लक्ष्मण पल्ले एवं उनकी टीम को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

ट्रस्ट के अध्यक्ष शंकरलाल अग्रवाल ने कहा कि एलोपैथी से हताश निराग रोगी लगातार प्राकृतिक चिकित्सा की ओर उन्मुख हो रहे है, जो समाज के लिए एक साकारात्मक संकेत है। ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ्य जीवन व निरोगी काया के लिए प्रकृति के शरण में जाना ही श्रेयस्कर है। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अभिषेक शरद ने कहा कि यह प्राकृतिक चिकित्सा शिविर ट्रस्ट की जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण है।

ट्रस्ट के महासचिव प्रदीप ढेडिया ने आगामी समर्पण सम्मान समारोह 2026 के आयोजन के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि डा. पल्ले की लोकप्रियता व कोलकाता में उनकी बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रस्ट द्वारा पुनः उनके नेतृत्व में शिविर आय़ोजित किया जायेगा।

शिविर के उद्घाटनकर्ता डॉ. पीयूष द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि “एक्यूपंचर को आयुर्वेद में मर्म चिकित्सा कहा जाता है। सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली के लिए आयुर्वेद एक वरदान है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग तेजी से आयुर्वेद और नेचुरोपैथी की ओर अग्रसर हो रहे हैं।” विशिष्ट अतिथि श्री सुरेंद्र अग्रवाल ने डॉ. लक्ष्मण पल्ले के सेवा, समर्पण एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

ट्रस्ट की ओर से पंकज भालोटिया ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि यह शिविर प्रकृति की ओर लौटने का एक सकारात्मक और समयोचित उपक्रम है।

समर्पण ट्रस्ट की ओर से प्रीति ढेडिया ने ट्रस्ट की विविध गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयप्रकाश मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संजय जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। शिविर का समस्त प्रबंधन आनंद इवेंट्स द्वारा किया गया। समर्पण ट्रस्ट की यह पहल समाज में स्वस्थ, संतुलित एवं प्रकृति-आधारित जीवनशैली के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण बनी।

शिविर को सफल बनाने में सोमनाथ अडुकिया, अभ्युदय दुगड़, महेश भुवालका, अशोक ढेडिया, गणेश अग्रवाल, मनीष बजाज, आनंद अमन ढेडिया, पवन खेतान, अभिषेक गुप्ता समेत अन्य सक्रिय रहे।

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