मेसी कार्यक्रम की अव्यवस्था पर राज्यपाल सख्त: आयोजकों, पुलिस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

 

कोलकाता, 13 दिसंबर। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने कोलकाता के युवाभारती क्रीड़ांगन में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुए भगदड़ और अव्यवस्था को लेकर गहरा शोक और चिंता व्यक्त की है। वारदात के बाद शनिवार दोपहर जारी अपने बयान में राज्यपाल ने इसे खेल प्रेमियों के लिए एक दुखद दिन बताते हुए कहा कि कार्यक्रम की कमी-योजना और प्रबंधन के अभाव के कारण दर्शकों के साथ-साथ मुख्यमंत्री और जनता की उम्मीदों को भी ठेस पहुंची हैं।
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम में आयोजकों और प्रायोजकों की जिम्मेदारी सबसे अधिक है, लेकिन पुलिस भी सरकार, जनता और मुख्यमंत्री के प्रति विफल रही। उनका कहना है कि यह स्थिति कोलकाता के खेल प्रेमियों के लिए बेहद दुखद और अस्वीकार्य है।
डॉ. सीवी आनंद बोस ने राज्य सरकार को कई निर्देश जारी किए हैं। इनमें आयोजकों और प्रायोजकों की गिरफ्तारी, टिकट खरीदारों को धन वापसी, स्टेडियम और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के लिए आयोजकों पर शुल्क लगाना, पूरे मामले की न्यायिक जांच, लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित करना और भविष्य में बड़े कार्यक्रमों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करना शामिल है।

इसके साथ ही, राज्यपाल ने सुझाव दिया कि दर्शकों के लिए बीमा योजना बनाई जाए, जिसका प्रीमियम आयोजकों और प्रायोजकों द्वारा भुगतान किया जाए।
राज्यपाल ने कहा कि कुछ निजी प्रायोजकों ने मेसी के नाम का दुरुपयोग कर अपनी व्यक्तिगत कमाई के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया, जिससे आम जनता और उनके प्रेमियों की भावनाओं का अपमान हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस को कार्यक्रम की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें कुछ लोगों के निजी स्वार्थ के दबाव में इसे नजरअंदाज किया गया।
राज्यपाल ने 12 दिसंबर को ही राज्य सरकार को लिखे पत्र में शिकायतों का हवाला देते हुए कहा था कि कई फुटबॉल प्रेमियों ने भारी टिकट मूल्य के कारण अपने पसंदीदा खिलाड़ी मेसी को देखने में असमर्थता की शिकायत की है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि केवल बड़ी रकम खर्च करने वाले लोग ही मेसी को देख पाए, जबकि आम जनता से यह अवसर छीन लिया गया।
वहीं, पूरे घटनाक्रम में हालात सामान्य करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करने पड़े, इससे दर्शकों में और अधिक नाराजगी फैली। राज्यपाल ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आम जनता के साथ हुए उत्पीड़न पर विशेष ध्यान दिया जाए।
राज्यपाल ने कहा कि बड़े कार्यक्रमों के लिए पहले से ही दर्शकों और प्रशंसकों की संख्या का पूर्वानुमान लगाकर उचित सुरक्षा और प्रबंधन की व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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