बंगाल में आपातकाल जैसी स्थिति : सुकांत मजूमदार

 

कोलकाता, 19 जून । पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने गुरुवार को दावा किया कि राज्य में “आपातकाल जैसी स्थिति” बन गई है, जहां विपक्षी नेताओं की आवाजाही को सत्ता पक्ष द्वारा बाधित किया जा रहा है। यह बयान उन्होंने दक्षिण 24 परगना के महेशतला दौरे के दौरान उस समय दिया जब तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उनके काफिले को घेरकर नारेबाज़ी की और उन पर जूते फेंके।

मजूमदार उस इलाके का दौरा करने पहुंचे थे, जहां पिछले सप्ताह गुटीय हिंसा हुई थी। इस दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं ने “वापस जाओ”, “दंगाबाज़” और “चोरों की पार्टी” जैसे नारे लगाए। हालांकि तनावपूर्ण माहौल के बावजूद उन्होंने स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की और बाज़ार क्षेत्र में तुलसी मंच का निरीक्षण भी किया।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने ही पिछले सप्ताह महेशतला में हिंसा को अंजाम दिया और अब जब विपक्षी नेता वहां पहुंच रहे हैं तो उनपर हमले करवा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में बंगाल में आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। मुझ जैसे विपक्षी नेताओं को उन इलाकों में जाने से रोका जा रहा है जहां हाल ही में गुटीय झड़पें हुई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि महेशतला और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में हिंदुओं पर जिहादी तत्वों द्वारा हमले किए जा रहे हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है क्योंकि वह सत्तारूढ़ दल के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने सवाल किया, “जब हिंदुओं के साथ एकजुटता दिखाने हम वहां जाते हैं तो तृणमूल के पाले हुए गुंडे हम पर हमला करते हैं। अगर यह आपातकाल नहीं है, तो और क्या है?”

बजबज ट्रंक रोड पर काले झंडे दिखाते प्रदर्शनकारियों के बीच से गुजरते हुए मजूमदार ने तृणमूल सांसद और मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर प्रदर्शन की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह पूरा विरोध अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी की मिलीभगत का परिणाम है।

हालांकि तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा को ही हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। एक तृणमूल कार्यकर्ता ने कहा कि महेशतला हमेशा से शांतिपूर्ण इलाका रहा है, जहां विभिन्न समुदायों में सौहार्द था। लेकिन भाजपा ने जानबूझकर बाज़ार क्षेत्र में तुलसी का पौधा लगाकर तनाव फैलाने की कोशिश की और रवींद्रनगर थाने के बाहर हिंसा भड़काई। मजूमदार वहां माहौल बिगाड़ने पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें करारा जवाब दिया।

इधर, तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने मजूमदार के खिलाफ प्रदर्शन को जायज ठहराया और कहा कि यह भाजपा की नीतियों के प्रति जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति थी। उन्होंने कहा कि लोगों में आक्रोश है क्योंकि भाजपा ने बंगाल में सौ दिन के कार्य योजना की धनराशि रोक रखी है। साथ ही, वे साम्प्रदायिक तनाव फैलाकर वोटों का ध्रुवीकरण करने की साजिश कर रहे हैं।

कुणाल घोष ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी कोई पार्टी कार्यकर्ता नहीं थे बल्कि महेशतला के स्थानीय लोग थे जो भाजपा की नीतियों से नाराज़ हैं।

 

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