Helmets Rule: निर्माताओं को दो पहिया वाहन के साथ देने होंगे 2 हेलमेट
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की घोषणा
नई दिल्ली: भारत में अब दो पहिया वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के साथ दो हेलमेट प्रदान करना अनिवार्य होगा।
यह घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की है। हेलमेट को आईएसआई प्रमाणित होना चाहिए। यह घोषणा दिल्ली में आयोजित एक ऑटो समिट के दौरान की गई। इस निर्णय का स्वागत टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने किया है।
एसोसिएशन ने कहा कि यह निर्णय उन परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में अपने प्रियजनों को खोया है। हेलमेट निर्माता संघ ने यह भी आश्वासन दिया कि वे गुणवत्तापूर्ण आईएसआई हेलमेट का उत्पादन बढ़ाएंगे और देशभर में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव कपूर ने कहा कि यह केवल एक नियम नहीं, बल्कि देश की आवश्यकता है।
हेलमेट पहनने के लाभ
जब दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं पहना जाता है, तो दुर्घटना के समय सिर में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन यदि हेलमेट पहना हो, तो दुर्घटना के दौरान सिर की सुरक्षा होती है। इसके अलावा, यह सर्वाइकल स्पाइन इंजरी के खतरे को भी कम करता है। हेलमेट पहनने से सिर की सुरक्षा के साथ-साथ आंखों को तेज हवा और धूल से भी बचाने में मदद मिलती है।
सड़क हादसों में होने वाली मौतें
भारत में हर साल सड़क हादसों की बड़ी संख्या होती है। रिपोर्टों के अनुसार, देश में हर साल 4.80 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें से 1.88 लाख लोगों की मौत हो जाती है। खासकर दो पहिया वाहनों से जुड़े हादसों में हर साल 69 हजार लोगों की जान जाती है, जिसमें से 50 प्रतिशत मौतें हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं।
