फर्जी वोटर मामले पर : भाजपा को रैली की अनुमति नहीं, हाई कोर्ट पहुंची पार्टी

 

कोलकाता, 01 अप्रैल । पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर रैली निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद पार्टी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मंगलवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने भाजपा की याचिका स्वीकार कर ली, और इस पर बुधवार, दो अप्रैल को सुनवाई होगी।भाजपा ने बुधवार दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक कॉलेज स्क्वायर से चुनाव आयोग कार्यालय तक रैली निकालने की योजना बनाई थी, जिसका नेतृत्व विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी करने वाले थे। हालांकि, पुलिस ने इस रैली की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद भाजपा ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने भी मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठाई थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि सूची में बाहरी राज्यों के “लोग” यानी फर्जी मतदाताओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा, एक ही ईपीआईसी नंबर (मतदाता पहचान पत्र संख्या) पर कई नाम दर्ज होने की समस्या को भी तृणमूल ने उजागर किया था। तृणमूल के लगातार दबाव के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को संशोधित करने का फैसला किया और अगले छह महीनों के भीतर सुधार करने का आश्वासन दिया।

अब भाजपा भी इसी मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि वह चुनाव आयोग पर निष्पक्ष मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाना चाहती है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह तय होगा कि शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में प्रस्तावित रैली हो पाएगी या नहीं। यदि समय पर अनुमति नहीं मिलती है, तो बीजेपी को वैकल्पिक रणनीति अपनानी होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *