नई दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के प्रमुख अरुण हलदर ने शुक्रवार को कहा कि आयोग ने संदेशखालि में टीएमसी समर्थकों द्वारा महिलाओं के कथित उत्पीड़न के बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी गई रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है।
आयोग के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को संदेशखालि का दौरा किया था, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर बलपूर्वक जमीन पर कब्जा करने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हलदर ने संदेशखालि में कथित अत्याचार और हिंसा के बारे में संक्षिप्त विवरण साझा किया। उन्होंने कहा, &’&’हमने सिफारिश की है कि पश्चिम बंगाल की स्थिति को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।&’&’
संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत एनसीएससी को मिले अधिकारों के अनुसार अनुसूचित जाति के संवैधानिक सुरक्षा कार्यों के बारे में वार्षिक रूप से या जब उचित लगे, राष्ट्रपति को रिपोर्ट देना आयोग का कर्तव्य है।
हलदर ने कहा कि राष्ट्रपति ने आयोग को आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर गौर करके उचित कार्रवाई करेंगी।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में अपराधियों ने वहां की सरकार से गठजोड़ कर लिया है।
उन्होंने कहा कि संदेशखालि में हिंसा का असर अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों पर भी पड़ रहा है।
टीएमसी नेता शाहजहां शेख से जुड़े लोगों ने राशन घोटाले के सिलसिले में छापा मारने गए प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया था, जिसके बाद से शाहजहां फरार हैं। महिलाएं शाहजहां को गिरफ्तार करने की मांग कर रही हैं।
इस बीच, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने संदेशखालि में बदमाशों द्वारा एक बच्चे को फेंके जाने की खबर पर संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर मामले की शीघ्र जांच के लिए कहा।
उत्तर 24-परगना जिले के जिला मजिस्ट्रेट को भेजे नोटिस में एनसीपीसीआर ने कहा कि उसने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बदमाशों के एक समूह द्वारा एक महिला निवासी पर हमला करने की दुखद घटना से संबंधित समाचार पत्र संज्ञान लिया है।
आयोग ने कहा कि खबर में बताया गया है कि बदमाश जबरन उसके घर में घुसे मारपीट की, और चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने उसकी नवजात बेटी को छीनकर बेरहमी से फेंक दिया।
