
कोलकाता ; अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के केंद्रीय कार्यालय सभागार में राजस्थानी संस्कृति एवं भाषा को लेकर समाज में प्रचलित एवं पीढ़ियों से सुनी जा रही बातों पर ‘बात का चालणां’ विषय पर संगोष्ठी सह वार्ता का आयोजन हुआ। संगोष्ठी की अध्यक्षता सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव कुमार लोहिया ने किया। सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री जुगल किशोर जाजोदिया ने दुपट्टा पहनाकर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव कुमार लोहिया ने शाल भेंटकर डॉ. बाबूलाल शर्मा का सम्मान किया। श्री लोहिया ने सभी उपस्थित समाज-बंधुओं का अभिवादन करते हुए कहा कि आज हमारी संस्कार, संस्कृति, आचार-विचार, भाषा धीरे-धीरे सब बदलती जा रही है और हमें इसका आभास भी नहीं हो रहा है। हम मोहरों की थैली को छोड़कर कंकड़ की थैली इकट्ठा करने में लगे हैं। पहले हम रेगिस्तान में रहते थे, हमारे पास संसाधनों की कमी थी पर लोक साहित्य एवं संस्कृति से हम बहुत संपन्न थे। लोक साहित्य एवं संस्कृति मन में उजास भरने का काम करते हैं, मन में उजास होने से ही जीवन उत्सव बनता है। श्री लोहिया ने डॉ. बाबूलाल शर्मा का परिचय देते हुए उनके रचना संसार से उपस्थित श्रोताओं को परिचित कराया। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पत्रिका ‘वैचारिकी’ के संपादक, प्रधान वक्ता डॉ. बाबूलाल शर्मा ने संगोष्ठी में अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि लोकगीत, लोकगाथा, कविता, कहानी, रीति-रिवाज सब बात से ही निकली है। जिज्ञासा बहुत बड़ी बात पैदा करती है, जितने भी आविष्कार हुए हैं वह जिज्ञासा से ही हुए हैं। साहित्य में नौ रस का उल्लेख है, इसके अलावा एक रस बतरस है। बात का रस हम सड़क पर चलते-चलते भी ले लेते हैं। राजस्थानी साहित्य में बात एक विधा है। राजस्थानी में बात साहित्य है। राम चरित, कृष्ण चरित सब हमारे बात में हैं। डॉ. शर्मा ने कई उदाहरणों से ‘बात के चलने’ को स्पष्ट किया। बात हमें रस देती है और जब हम बात का रस लेने लगते हैं तो वह हमें आनंदित, उल्लसित करती है। डॉ. शर्मा ने उपस्थित श्रोताओं के जिज्ञासाओं को शांत किया।

सम्मेलन के फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन श्री आत्माराम सोन्थलिया ने पश्चिम बंगाल मारवाड़ी महिला सम्मेलन की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती बिनीता अग्रवाल का सम्मान किया। राष्ट्रीय महामंत्री श्री कैलाशपति तोदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। सम्मेलन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री श्री पवन जालान, सर्वश्री शिव रतन अग्रवाल (फोगला), शंकर लाल कारिवाल, गोविंद गोयनका, जुगल किशोर अगरवाला, शिव कुमार बागला, सुरेश अगरवाल, जय किशन झवर, बिनोद टेकरीवाल, नवीन कुमार खेमका, हरि प्रसाद बाजोरिया, श्रीमती नीता मुरारका, अरविंद मुरारका, डॉ. बी. पी. साह, अमर नाथ चौधरी, राधा किशन सफर, पीयूष कयाल, रघुनाथ झुनझुनवाला, बैजनाथ सराफ, महेंद्र अगरवाल, सुशील भावसिंगका, श्रीमती शांता बिरला, बिमल कुमार बिरला, श्रीमती कंचन ड्रोलिया, नंदलाल सिंघानिया, बृज मोहन धूत, राज शर्मा, चांदनी शर्मा आदि मौजूद रहे।
