
जामुड़िया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी क्रम में आसनसोल लोकसभा से तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा रविवार शाम पहली बार जामुड़िया क्षेत्र मे पहुंचे। यहां उन्होंने क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हरेराम सिंह के साथ एक जनसभा को संबोधित किया और कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया। सभा को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने हरेराम सिंह की जीत का दावा करते हुए कहा कि उनकी विजय सुनिश्चित है। उन्होंने कहा, “हम सभी मिलकर इस सुनिश्चित जीत को और मजबूत करेंगे तथा हरेराम सिंह को भारी मतों से विजयी बनाकर उनका परचम लहराएंगे।”इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बाहरी मीडिया में फैलाए जा रहे कथित नकारात्मक प्रचार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में शांति और भाईचारा कायम है तथा यहां के लोग आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। शत्रुघ्न सिन्हा ने आगामी विधानसभा चुनाव को पिछले 15-20 वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण चुनाव बताते हुए भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में चुनाव आयोग काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “चुनाव आयोग और भाजपा एक-दूसरे के पर्यायवाची बन गए हैं। भाजपा के खिलाफ बोलने पर चुनाव आयोग बचाव में आ जाता है और चुनाव आयोग के खिलाफ बोलने पर भाजपा।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बंगाल में समय से पहले हस्तक्षेप करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, जबकि अन्य राज्यों में अभी ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। मतदाता सूची और पहचान पत्र से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे और वर्तमान में भी लाखों नाम संदिग्ध बताकर हटाए गए हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। तृणमूल सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने ममता बनर्जी को “आयरन लेडी” बताते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनकी नकल केंद्र सरकार भी कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य साथी योजना के बाद केंद्र सरकार आयुष्मान योजना लेकर आई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल के लिए 22 हजार करोड़ रुपये की राशि रोक दी, इसके बावजूद ममता बनर्जी ने अपने संसाधनों से राज्य की जनता को योजनाओं का लाभ दिलाना जारी रखा और किसी को भी परेशान नहीं होने दिया। प्रशासनिक तबादलों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया, जिसमें मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के अधिकारियों को अन्य राज्यों में भेजा गया, जहां की भाषा और परिस्थितियों से वे परिचित नहीं हैं। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने तुष्टिकरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कई वादे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगे हैं, लेकिन बंगाल में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “जब तक ममता बनर्जी हैं, तब तक बंगाल में भाजपा सत्ता में नहीं आ सकती।” आचार संहिता लागू होने के बावजूद सांसद की गाड़ी पर ब्लू बत्ती लगे होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है और वह स्वयं इस पर ध्यान देंगे। वही इस सभा के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव में जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया और कहा कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाना जरूरी है।
