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अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का दीपावली प्रीति मिलन हमारी संस्कार-संस्कृति व भाषा अति समृद्ध: उसे बचाने की जिम्मेदारी हमारी - शिवकुमार लोहिया - Kolkata Saransh News

अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का दीपावली प्रीति मिलन हमारी संस्कार-संस्कृति व भाषा अति समृद्ध: उसे बचाने की जिम्मेदारी हमारी – शिवकुमार लोहिया

कोलकाता ; अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का दीपावली प्रीति मिलन बालीगंज स्थित हल्दीराम बैंक्वेट में आयोजित हुआ। सुप्रसिद्ध समाजसेवी, उद्योगपति पद्मश्री प्रह्लाद राय अगरवाला ने प्रीति मिलन समारोह का उद्घाटन किया। सभी अतिथियों एवं सम्मलेन के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार लोहिया ने सभी का अभिनंदन करते हुए कहा कि दिवाली को राम से अलग नहीं किया जा सकता है। आज हम दिवाली की राम-राम नहीं, हैप्पी दिवाली कहते हैं। हम अपनी भाषा, लोक संस्कृति, लोक साहित्य, लोकगीत, तीज-त्योहार, जीवंत परंपराओं, पहनावों, भोजन, व्यंजन, संगीत, नृत्य से दूर होते जा रहे हैं। कोई भी समाज अपनी पहचान खो दे तो क्या बचेगा उसके पास। हमारा समाज सशक्त और विचारशील समाज है। हमें अपनी भाषा, अपने संस्कारों को बचा कर रखना होगा। इस विषय पर विचार-विमर्श कर हम आपस में संवाद स्थापित कर सकते हैं। आगे श्री लोहिया ने मारवाड़ी सम्मेलन के गौरवमय इतिहास एवं व्यापक उद्देश्यों का स्मरण करते हुए कहा यह संस्था पूरे समाज को एक सूत्र में बांधने का महती कार्य कर रही है। इस यज्ञ में सभी के आहुति का आह्वान किया। उन्होंने सभी समाज-बंधुओं से अपने घर के सदस्यों के साथ अपनी भाषा में वार्तालाप करने का संकल्प लेने का अनुरोध किया।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री प्रह्लाद राय अगरवाला ने कहा कि दिवाली पाँच दिवसीय पर्व है, जो धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। आज हमारी युवा पीढ़ी पढ़ाई खूब कर रही है, विदेशों में पढ़ रही है। पर पढ़ाई के बाद वह नौकरी करना चाहती है, व्यापार नहीं। जब वे व्यापार नहीं करेंगे तो नौकरियों का सृजन कैसे होगा। इस पर हम सभी को विचार करने की आवश्यकता है।
प्रधान अतिथि श्याम सुंदर बेरीवाल ने कहा कि दीपावली हमें ‘अप्प दीपो भव’ अर्थात अपना दीपक स्वयं बनने का संदेश देता है। हम एक दूसरे का हाथ थामकर, एक दूसरे का सहयोग करके ऐसा कर सकते हैं। हमें एक अकेला दीपक नहीं, बल्कि दीपमाला बनना है। हमें ऐसा चिराग जलाना है कि सभी के घर में उजाला हो। आज हमारे समाज को माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त है।
प्रधान वक्ता प्रदीप चोपड़ा ने कहा कि हमारे समाज ने भव्य कीलों, मंदिरों, धर्मशालाओं, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण किया। हमारी सफलता में हमारी महिलाओं का बहुत बड़ा हाथ है। मारवाड़ी जोखिम उठाने की शक्ति रखता है। हमलोग सब कुछ कर सकते हैं। हमें अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए अपना इतिहास लिखना चाहिए। हमें नौकरी लेने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने रहना है।
पश्चिम बंग मारवाड़ी महिला सम्मेलन के सदस्यों ने गणेश वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम में बिश्वनाथ भुवालका, काशी प्रसाद धेलिया, गोपाल अग्रवाल, सज्जन बेरीवाल, प्रमोद जैन, नवीन जैन, संजय शर्मा, संदीप सेक्सरिया, प्रमोद अग्रवाल, अशोक पुरोहित, पूरनमल अग्रवाल, श्रीमती पूनम अग्रवाल ने सम्मेलन से जुड़े लोगों का स्वागत किया।
राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री संजय गोयनका, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता एवं निवर्तमान कोषाध्यक्ष दामोदर विदवतका ने अतिथियों का परिचय दिया।
सम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश जैन ने एक कविता के माध्यम से स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय महामंत्री कैलाशपति तोदी ने किया। संयुक्त महामंत्री पवन जालान ने धन्यवाद ज्ञापन दियाइस मौके पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राम अवतार पोद्दार, संतोष सराफ, निवर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानीराम सुरेका, फाइनेंस समिति के चेयरमैन आत्माराम सोंथलिया, पूर्वोत्तर प्रदेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष कैलाश चंद काबरा, पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, निवर्तमान महामंत्री संजय हरलालका, कुंज बिहारी अगरवाला, प्रमोद शाह, राजेश अग्रवाल, अरुण पोद्दार, रमेश कुमार बूबना, शंकर कारिवाल, जय प्रकाश सेठिया, शिवरतन फोगला, विक्की सीकरिया, हरि प्रसाद बुधिया, संदीप गर्ग, अरूण कुमार चूडीवाल, पवन पाटोदिया, अरुण प्रकाश मल्लावत, अनिल मल्लावत, डॉ. सांवर धनानिया, राजेश पोद्दार, नरेन्द्र तुलस्यान, राजेंद्र खंडेलवाल सहित समाज के अनेक बंधु-बांधव, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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