चिरकुंडा।स्वास्थ्य विभाग में कर्मी की कमी होने के कारण निजी एनजीओ के अधीन चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंदो की रखरखाव और उनकी सेवाओं के जांच हेतु सरकार द्वारा एक टीम गठित की गई जिसमें जिले के सिविल सर्जन ,एडीएम(विधि- व्यवस्था) आयुष्मान के नोडल पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे जो कि जिले में एनजीओ द्वारा संचालित सरकार के स्वास्थ्य केंद्रों की जांच करेंगे उसी जांच के क्रम में सिविल सर्जन आलोक शर्मा ,एडीएम विधि व्यवस्था कमला कांत गुप्ता, आयुष्मान नोडल पदाधिकारी डॉ आनंद और प्रखंड विकास पदाधिकारी सह कार्यपालक पदाधिकारी चिरकुंडा विनोद कुमार कर्मकार की टीम चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण हेतु पहुंची।
जहां पदाधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य केंद्र में दी गई सेवाओं की जांच, साफ सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया और उपस्थित कर्मचारियों के साथ पूछताछ कर कार्यों की जानकारी ली।वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों को विगत 8 माह से वेतन नहीं मिला उस सिलसिले में सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा को अवगत कराया गया।वही सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा ने प्रेस को बताया कि राज्य सरकार से निर्देशित किया गया है कि सिटीजन फाउंडेशन के पीपी मोड में अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जो कि चिरकुंडा क्षेत्र में अवस्थित है यहां सुविधा या उनके द्वारा दी गई सेवाएं कितनी कारगर है उसकी जांच करें और जांच प्रतिवेदन सरकार को दिया जाए उसी सिलसिले में विधि व्यवस्था एडीएम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे हैं। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ शशि भूषण सिंह मौजुद थे।
