Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the wordpress-seo domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/ahscw237zdpo/public_html/wp-includes/functions.php on line 6121
इन्दौर की ख्याति लब्ध साहित्यकार "अर्चना लवानिया "-होगी "राष्ट्र गौरव "सम्मान से सम्मानित - Kolkata Saransh News

इन्दौर की ख्याति लब्ध साहित्यकार “अर्चना लवानिया “–होगी “राष्ट्र गौरव “सम्मान से सम्मानित

 

ख्यातिलब्ध साहित्यकार स्वं. महेंद्र कुमार दुबे की द्वितीय पुण्य् तिथि पर आयोजित देश की विलक्षण हस्तियों का सम्मान
देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से प्रकाशित समाचार पत्र एवं पत्रिका दि फेस ऑफ़ इंडिया द्वारा प्रदत्त किया “राष्ट्र गौरव” सम्मान
अभी सूर्य अस्त नहीं हुआ: चिंतक, लेखक और विचारक साहित्यकार पं. महेंद्र दुबे थे

भोपाल.. जीवन भी युग की विभूति है, और मरण भी युग अपने विभूति पु़रुषों के जीवन से शक्ति संचित करता है और मृत्यु से भी… वे धन्य है, जिनके जीवन और मृत्यु दोनों ही युग युगों की शक्ति बन जाया करते हैं। संस्मरण जीवन का एक अजूबा चमत्कार तब बन जाता है जब वह जीवन भर साधारण रहने वाले को जीवन के अंत में सहसा असाधरण बना देता हैं या जीवन भर असाधारण रहने वाले को साधारण युग युगों के विभूति पुरुष अपने जीवन में युग को बहुत कुछ दे जाया करते हैं, यह कुछ श्रेष्ठ न हो तो विभूति पुरुष ही क्यों माने जाये, और एक खास बात वे अपने जीवन के निवार्ण से कभी कभी वह चीज और उतनी मात्रा में दे जाते है जो और जितना वे कभी अपने जीवन से भी नहीं दे पाते… इसी फकीरी के चलते ऐसे मरण को असल में महा निवार्ण कहा जाता हैं।
साहित्यकार महेंद्र दुबे हिंदी साहित्य जगत के एक ऐसे मूर्धन्य विद्वान थे मानो उसकी लेखनी स्वयं गवाह थी। पढऩे ओर लेखनी से देखकर ही उनके अनुयायी  की दुबे जी का पत्र हैं या उनकी कोई साहित्यिक विधा आज अवरुद्ध कंठ से कहना पढ़ रहा है कि एक सपना ही था, जो जिस जीवन ने देखा, वह एक गीतगार से कम नहीं। वह एक गीत थे ,जो अब वह निष्प्राण और गूंगा सा हो गया। वह महानिर्वाण को प्राप्त हो गई। जिसमें गीता की गूँज और रामायण के छंद थे, वह पूरी रामायण थे कहना अतिशयोक्ति नहीं जिंदगी जीत गई और मौत हार गई। इतिहास साक्षी है जगत के विज्ञ प्रजाओ धुरंधर साक्षी है। देश ने विभूतियों और ऐश्वर्य के कई चूडान्त महिमाशाली व्यक्तित्व अब तक काल के भाल पर अंकित किये और काल पुरुष ने भी अपने परिवर्तन के महान नियम के उतार चढावों में उन्हें फिर उठाया और मिटाया। साहित्यकार महेंद्र कुमार दुबे का संपूर्ण जीवन कर्मनिष्ठा का अक्षय शिलालेख रहा।
उन्होंने पचमढ़ी प्राची किरण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था की आधारशिला रखी जहां कलाप्रेमियों को छात्र छात्राओं को एक मंच प्रदान कर गौरवान्वित करते रहे इसी श्रंखला में गुंजन कला मध्यप्रदेश शिक्षाविद पूरन चंद श्रीवास्तव जन्म महोत्सव के अवसर पर धर्मज्ञ पं. पूरन लाल बसेडिया की स्मृति में उन्हें अपना विशिष्ट सम्मान सरस्वती अलंकरण से विभूषित किया। इसके बाद मुंबई की राष्ट्रीय सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था जो देश और विदेशों में आयोजन कर कला प्रेमियों को सम्मानित कर विभूषित करती हैं। राष्ट्रीय संस्था के अध्यक्ष दिनेश वर्मा द्वारा साहित्यकार महेंद्र कुमार दुबे को फेस आंफ इडिया का अपना सर्वे श्रेष्ठ राष्ट्रीय राष्ट्र गौरव सम्मान साहित्यकार स्वं.श्री युत महेंद्र दुबे को समर्पित कर सशक्त हस्ताक्षर के रुप मे यह दर्ज कराया।
हिंदी साहित्य जगत में उन्हें दर्शकों राष्ट्रीय सम्मानो से नवाजा गया है।
इसी श्रंखला में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की ख्याति लब्ध संस्था मुंबई से प्रकाशित फेस ऑफ इंडिया से प्रस्तुत का सर्वेश्रेष्ठ सम्मान राष्ट्र गौरव से देश के साहित्यकारो, कला शिक्षा जगत , पत्रकार साथियों , संपादकों को यह सम्मान चुनिंदा हस्तियों को प्रदत्त कर हम गौरव का अनुभव करते है। यह सम्मान फेस आंफ इडिया एवं साहित्यनामा के प्रधासंपादक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश वर्मा साहित्यकार स्वर्गीय महेंद्र दुबे की याद में राष्ट्र गौरव सम्मान की घोषणा की गयी। जिसमें देश भर के हिंदी साहित्य उत्थान के लिए किये जा रहे समर्पित प्रयास हेतु साहित्यकारों को उनकी द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर आंनलाईन सम्मान प्रदत्त किया गया। इस अवसर पर साहित्य नामा पत्रिका द्वारा एक काव्य संकलन का प्रकाशन किया जा रहा हैं। जिसमें सम्मानित रचनाकारों की रचनाओं के संकलन सहित साहित्यकार स्वर्गीय महेंद्र दुबे का संपूर्ण जीवन का साहित्यक संकलन एवं जीवन वृतांन्त भी शामिल होगा।
देश की विलक्षण हस्तियों मे यह राष्ट्रीय सम्मान दैनिक हिन्दुस्तान एक्सप्रेस गुप्र के संरक्षक एवं प्रधासंपादक श्री चन्द्र प्रकाश जी शिवहरे जी को यह सम्मान आनलाईन प्रदान कर संस्था ने इतिश्री की. इसके साथ ही समय जगत न्यूज पेपर भोपाल के संपादक श्री महेश नागर जी, सेना नायक जनरल श्री रंजीत सिगजी गुडगांव, सहित होशंगाबाद नर्मदापुरम के पत्रकार साथी श्री प्रफुल्ल तिवारी जी, सागर के श्री मनोज तिवारी जी, पचमढ़ी के समाजसेवी श्री श्याम राठी जी, सागर के श्री विजय तिवारी जी, पचमढ़ी नगर के युवा स्पोर्ट्स टीचर संतोष यादव एवं प्राधानाचार्य श्री रुपनारायण श्रीवास सेना मे पदस्थ ख्याति लब्ध सैनिक हास्पिटल्स की डाक्टर कर्नल मनीषा अखारे जी , सिवनी के प्रख्यात गोल्ड मेडिलिस्ट डाक्टर दिनेश शर्मा के पुत्र श्री डाक्टर शान्तनु शर्मा जी को यह सम्मान आंनलाईन प्रदान किया गया… इसी श्रृखंला इसी श्रृखंला मे इन्दौर की ख्याति लब्ध साहित्यकार दशकों सम्मानों से विभूषित अर्चना लवानिया को राष्ट्र गौरव सम्मान से नवाजा जायेगा यह सम्मान पचमढ़ी मे आयोजित मुख्य अतिथि सम्माननीय जनरल रंजीत सिग महोदय की विशेष अतीथि की अध्यक्षता मे प्रदत्त किया जायेगा
सभी ने संस्था का आभार माना और विलक्षण हस्तियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित इसी श्रृखंला मे दैनिक हिन्दुस्तान गुप्र के संरक्षक श्शिवहरे  को बधाइयां प्रेषित की उक्त सम्मान दि फेस आंफ इडिया गुप्र के प्रधान संपादक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश वर्मा मुम्बई एवं जुरी कमेठी की सहमति एवं राष्ट्रीय संस्था के उपाध्यक्ष एवं प्रेस क्लब आंफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार मनोज दुबे की अनुसंशा पर कमेठी की सहमति से प्रदत्त कर देश की विभूतियों को प्रदत्त कर अपने सशक्त हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *