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सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की भूमिका से हाई कोर्ट नाराज, सीआईडी को जांच का आदेश - Kolkata Saransh News

सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की भूमिका से हाई कोर्ट नाराज, सीआईडी को जांच का आदेश

 

कोलकाता । राजधानी कोलकाता से सटे बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के बागुईहाटी थाना क्षेत्र में दो छात्रों की निर्मम हत्या मामले में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर होने के बाद एक और ऐसा ही मामला हाईकोर्ट में उठा है। पश्चिम मेदिनीपुर के एक सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की भूमिका से नाराज हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सीआईडी को घटना की जांच का आदेश दिया है। आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना में जिले के दो थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस ने लिखित शिकायत तक दर्ज नहीं की। इस मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय से रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा महिला जिस दिन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने आई थी उस दिन का सीसीटीवी फुटेज कोर्ट ने मांगा था लेकिन गुरुवार को सुनवाई के दौरान जिला पुलिस की ओर से फुटेज जमा नहीं किया गया जिसे लेकर न्यायमूर्ति राज्सेखर मंथा ने काफी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राज्य सरकार के महाधिवक्ता को फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने घटना की सीआईडी जांच का आदेश दिया।
पता चला है कि जमीन संबंधी एक मामले के निपटान के लिए स्थानीय नेताओं ने महिला और उसके पति को बुलाया था। आरोप है कि जैसे ही दोनों वहां पहुंचे वहां कई लोगों ने मिलकर महिला को दबोच लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जैसे तैसे वहां से भागकर महिला 11 अगस्त की रात आनंदपुर थाने में गई। उसके साथ उसका पति भी था। फटे हुए कपड़े पहने हुए ही महिला थाना चली गई थी लेकिन आरोप है कि पुलिस ने लिखित शिकायत तक दर्ज नहीं की। यहां तक कि पीड़िता की चिकित्सकीय जांच भी नहीं कराई गई। इसी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगी थी जिसकी सुनवाई गुरुवार को न्यायमूर्ति राज्सेखर मंथा की पीठ में हुई। आनंदपुर थाने के प्रभारी और पश्चिम मेदिनीपुर के जिलाधिकारी की भूमिका को लेकर भी न्यायालय ने सवाल खड़े किए है। इसके पहले गत छह सितंबर को मामले की सुनवाई हुई थी। उस दिन न्यायाधीश ने कहा था कि जिस दिन महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने आई थी उस दिन का सीसीटीवी फुटेज जमा कराया जाए लेकिन गुरुवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि उस दिन का फुटेज नहीं मिल रहा है। इसे लेकर न्यायमूर्ति मंथा ने तीखी नाराजगी जताई।

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