मुगमा में सीआईएफ-ईसीएल की बड़ी कार्रवाई, 112.070 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद

सीओ राहुल सिंह गौतम के निर्देश पर लगातार छापेमारी, चापापुर-II OCP में तीन संयुक्त अभियानों से अवैध कोयला गतिविधियों पर कार्रवाई

धनबाद। मुगमा क्षेत्र में अवैध कोयला गतिविधियों के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएफ) और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) सुरक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। सीआईएफ के शीतलपुर सीओ राहुल सिंह गौतम के निर्देश पर क्षेत्र में लगातार छापेमारी तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में सीआईएफ मुगमा टीम और ईसीएल सिक्योरिटी ने चापापुर-II OCP में लगातार तीन संयुक्त अभियान चलाकर कुल 112.070 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया। पहली कार्रवाई में 97.370 मीट्रिक टन, दूसरी में 10.700 मीट्रिक टन और तीसरी कार्रवाई में 04.000 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। बरामद कोयले को चापापुर-II कोयला डिपो में जमा कराया गया।
कार्रवाई को लेकर क्या बोले सीआईएफ सीओ राहुल सिंह गौतम
सीआईएफ के सीओ राहुल सिंह गौतम ने कहा कि मुगमा क्षेत्र में अवैध कोयला गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सीआईएफ और ईसीएल सुरक्षा टीमों के बीच बेहतर समन्वय के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए संयुक्त अभियान को और मजबूत किया जाएगा।
मुगमा क्षेत्र में वर्तमान में 06 ओपन कास्ट माइंस और 05 अंडरग्राउंड माइंस संचालित हैं। इतने बड़े और संवेदनशील खनन क्षेत्र की सुरक्षा के बीच अवैध कोयला गतिविधियों पर नियंत्रण रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।


सीआईएफ द्वारा मुख्य रूप से रेड, रिकवरी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चलाया जाता है, जबकि ईसीएल सुरक्षा विभाग विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था संभालता है।
सूत्रों के अनुसार, सीआईएफ की परिचालन आवश्यकताओं की तुलना में उपलब्ध सुरक्षा संसाधन सीमित हैं। विशेष रूप से रात्रिकालीन अभियानों के दौरान पर्याप्त वाहन और श्रमिक सहयोग की कमी से कार्रवाई में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी आवश्यक वाहन, श्रमिक सहयोग और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाने से अवैध कोयला गतिविधियों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
सीआईएफ और ईसीएल सुरक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय तथा पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता से मुगमा क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में निगरानी, त्वरित कार्रवाई और खदानों की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *