
श्री वर्द्धमान जैन संघ में सेवाकार्य ।
कोलकाता । युगदृष्टा आचार्य श्रीमद् विजय वल्लभ सुरीश्वर जी म.सा की 72वीं पुण्यतिथि पर श्री वर्द्धमान जैन संघ में महावीर सेवा सदन के सहयोग से 84 दिव्यांग नागरिकों को कृत्रिम पैर वितरण किया गया । मुनि रविन्द्र विजय महाराज, मुनि महेन्द्र विजय महाराज के सानिध्य में आयोजित समारोह में श्रीमद् विजय वल्लभ सुरीश्वर जी म.सा की भव्य गुणानुवाद सभा, वल्लभ चालीसा पाठ में श्रावक – श्राविका भाव विभोर हो गये ।

मुनि रविन्द्र विजय महाराज एवं वक्ताओं ने कहा जो अपने से भी अधिक दूसरों की चिंता करते थे, और दूसरों के कल्याण व उत्थान के लिए प्रयत्नशील रहते थे , ऐसे युगदृष्टा आचार्य श्रीमद् विजय वल्लभ सुरीश्वर जी म.सा की स्मृति सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिये प्रेरणादायक है । उन्होंने कहा कैरियर के लिये शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कारित करने, कर्तव्य – निष्ठा के उद्देश्य से धार्मिक, व्यवहारिक, आध्यात्मिक शिक्षण को ध्यान में रखते हुए जैन आचार्य, मुनियों ने गुरुकुल, जिनालय (जैन मन्दिर) की स्थापना के साथ परोपकार की भावना से सेवा केंद्रों की स्थापना की ।

महावीर सेवा सदन के एस के तुलस्यान, के एल संघवी, बिजय चोपड़ा एवं अतिथियों का स्वागत श्री वर्धमान जैन संघ के ट्रस्टी रतनचंद बांगानी, महेन्द्र सुराणा, दिलीप दुगड़, चातुर्मास प्रबंध समिति के संयोजक शांतिलाल रामपुरिया, मोहनलाल कोचर, देवेंद्र कोचर, पारस सावनसुखा, आशीष कोचर, अशोक बांठिया, शिखरचंद बांठिया, सौरभ सुराणा, आनंद बांगानी, अतुल कोचर, विजय कोचर एवं कार्यकर्ता सक्रिय रहे ।
