
रानीगंज। रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन शोषण के मामले में भीम आर्मी ने बुधवार को रानीगंज थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन के पश्चिम बर्दवान जिला शाखा के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग की। भीम आर्मी के पदाधिकारियों के अनुसार, 11 अगस्त की सुबह रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में 13 वर्षीय लड़की के साथ गंभीर घटना होने की जानकारी सामने आई। संगठन ने दावा किया कि मामले में पुलिस ने विकास सिंह नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हालांकि, संगठन की मांग है कि मामले की प्रकृति और पीड़िता की उम्र को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकी तथा आगे की कानूनी कार्रवाई में पॉक्सो अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लागू की जाएं। भीम आर्मी के प्रतिनिधियों ने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र जांच पूरी की जाए। संगठन ने कहा कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिल सके। संगठन ने नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके अलावा पीड़िता को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार, परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार सरकारी मुआवजा दिलाने की मांग की गई। भीम आर्मी के नेताओं ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता के सम्मान, गोपनीयता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील रुईदास ने कहा कि संगठन की ओर से पुलिस प्रशासन के समक्ष स्पष्ट रूप से मांग रखी गई है कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन संगठन चाहता है कि मामले में सभी लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो, ताकि यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषी को कानून के अनुसार कठोर दंड मिल सके और पीड़िता को नियमानुसार सरकारी सहायता एवं मुआवजा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रखेगा। सुशील रुईदास ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो भीम आर्मी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार करेगी। वहीं, उन्होंने ने राज्य सरकार की महिला सुरक्षा को लेकर घोषित सख्त रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि अब संगठन यह देखना चाहता है कि सरकार की ओर से महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर किए जाने वाले दावों का पालन इस मामले में भी किस प्रकार होता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच, प्राथमिकी में लागू की गई धाराओं तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
