
चिचुड़िया, डोबराना और चिचुड़िया डांगालपाड़ा में बिना सूचना बिजली काटने का आरोप, सोनपुर बाजारी कार्यालय पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
जामुड़िया। जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के चिचुड़िया, डोबराना और चिचुड़िया डांगालपाड़ा गांव में ईसीएल की बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के विरोध में सोमवार सुबह ग्रामीणों ने सोनपुर बाजारी क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण कार्यालय के मुख्य द्वार पर जुटे और बिजली बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों के विरोध के बाद तीनों गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।ग्रामीणों का आरोप है कि देर रात बिना पूर्व सूचना के अचानक बिजली काट दी गई। इससे तीनों गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह होते ही ग्रामीण एकजुट होकर ईसीएल कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
ग्रामीण शंकर बनर्जी ने बताया कि करीब आठ-दस वर्षों से ईसीएल की ओर से इलाके में बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक सेवा बंद किए जाने से ग्रामीणों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा बिजली काटी गई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।चिचुड़िया निवासी अंबिका बनर्जी ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह राज्य बिजली का बिल वहन नहीं कर सकतीं। इसलिए उनका परिवार ईसीएल की बिजली पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि रात में अचानक बिजली कटने से घर में छोटे बच्चे के कारण काफी परेशानी हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।बताया गया कि ग्रामीणों के प्रदर्शन के बीच मामले की जानकारी जामुड़िया विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी को मिली। ग्रामीणों के अनुसार, विधायक के हस्तक्षेप के बाद ईसीएल की ओर से तीनों गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली लौटने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि फिलहाल बिजली आपूर्ति बहाल होने से उन्हें राहत मिली है, लेकिन वे चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। वहीं, बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के कारणों को लेकर ईसीएल की ओर से आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
