
आसनसोल। आसनसोल के रवींद्र भवन में शनिवार को आयोजित भाजपा के ‘लाभार्थी संपर्क अभियान’ कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर अचानक विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद मोहम्मद अनवर नामक व्यक्ति को कथित तौर पर कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया। घटना को लेकर अब भाजपा के स्थानीय संगठन में भी चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को रवींद्र भवन में भाजपा की ओर से ‘लाभार्थी संपर्क अभियान’ के तहत कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ जिला स्तर के पदाधिकारी, विधायक, शक्ति केंद्र प्रमुख और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जामुड़िया से पहुंचे मोहम्मद अनवर भी कार्यकर्ता का बैच लगाए हुए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष नाजनीन साबिहा की नजर अनवर पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर उनके गले में लगा कार्यकर्ता का बैच उतार दिया और उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर जाने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने अनवर की पहचान और कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। नाजनीन साबिहा की ओर से आरोप लगाया गया कि अनवर का संबंध कोयला माफिया से है। उन्होंने सवाल किया कि यदि वह पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता नहीं हैं तो उन्हें भाजपा के कार्यक्रम में कार्यकर्ता का बैच लगाकर किस आधार पर प्रवेश दिया गया। उन्होंने अनवर के बैच पर लिखे ‘बाराबनी’ का भी उल्लेख करते हुए उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाया, जबकि उनके अनुसार अनवर जामुड़िया क्षेत्र में रहते हैं। इसके बाद कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनवर को रवींद्र भवन परिसर से बाहर कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए गहमागहमी की स्थिति बनी रही। हालांकि, बाद में स्थिति को संभाल लिया गया और कार्यक्रम अपनी निर्धारित गतिविधियों के साथ आगे बढ़ा।घटना के बाद जब मीडिया ने मोहम्मद अनवर से बातचीत की तो उन्होंने स्वयं को भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता होने से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह भाजपा का समर्थन करते हैं। अनवर के अनुसार, उन्हें पिंटू साधु ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया था। अनवर के इस बयान के बाद कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि अनवर पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता नहीं थे तो उन्हें कार्यकर्ता का पहचान बैच किसने उपलब्ध कराया? साथ ही उन्हें कार्यक्रम में आने के लिए किसके कहने पर आमंत्रित किया गया था? घटना के दौरान बैच पर ‘बाराबनी’ लिखे होने को लेकर भी सवाल उठाए गए। वहीं, अनवर के जामुड़िया क्षेत्र से आने की बात सामने आने के बाद इस पहचान को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, इन सभी सवालों पर संबंधित स्तर से स्पष्ट स्थिति सामने आना अभी बाकी है। भाजपा का यह कार्यक्रम मुख्य रूप से लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान किसी व्यक्ति की पहचान को लेकर विवाद सामने आने से राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। पूरे घटनाक्रम में एक ओर जहां भाजपा की अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष की ओर से अनवर को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, वहीं दूसरी ओर अनवर ने स्वयं को भाजपा समर्थक बताया और कहा कि उन्हें पार्टी के एक व्यक्ति ने कार्यक्रम में आने के लिए बुलाया था। ऐसे में अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि अनवर को कार्यक्रम में प्रवेश किस आधार पर मिला और कार्यकर्ता का बैच उन्हें किसने दिया। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के स्थानीय संगठन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी यह सवाल उठ रहा है कि एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम में प्रवेश और पहचान की व्यवस्था को लेकर आखिर ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई। रवींद्र भवन में हुई यह घटना अब केवल कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इससे जुड़े आरोपों और सवालों के कारण भाजपा के स्थानीय संगठन में भी चर्चा का विषय बन गई है।
