
कोलकाता, 13 जुलाई 2026: भारतीय भाषा परिषद के सभागार में कल वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित भारत के नंबर-1 ऐप ‘ख्याल’ (Khyaal) द्वारा परिषद के सहयोग से एक अनूठी काव्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन ‘ख्याल’ की ’50 एबव 50′ (50 Above 50) राष्ट्रीय पहल के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य 50 वर्ष से अधिक आयु के रचनाकारों को सशक्त कर मंच प्रदान करना है।
इस साहित्यिक महाकुंभ में कोलकाता के जीवंत काव्य समुदाय से लगभग 90 प्रतिभागियों और श्रोताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अनाक्षी साहा के स्वागत वक्तव्य से हुई, जबकि मंच संचालन फरहीन हलदर ने किया।
डॉ. गिरिधर राय व डॉ. संजय जायसवाल रहे मुख्य जज:
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल (जज) के रूप में प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गिरिधर राय और जाने-माने विद्वान डॉ. संजय जायसवाल उपस्थित थे। सभी प्रस्तुतियों का सूक्ष्म मूल्यांकन करने के बाद मुख्य जज डॉ. गिरिधर राय ने सराहना करते हुए कहा— “ढलती उम्र के साथ कलम और अधिक समृद्ध होती है; आज के रचनाकारों की वैचारिक परिपक्वता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।”
विशिष्ट उपस्थिति एवं पुरस्कार वितरण:
कार्यक्रम में भारतीय भाषा परिषद के निदेशक डॉ. शंभू नाथ और कोल इंडिया के सीवीओ श्री बृजेश कुमार त्रिपाठी बतौर विशिष्ट श्रोता उपस्थित रहे। निर्णायकों के फैसले के आधार पर विजेताओं को श्रीमती विमला पोद्दार और श्री आशीष झुनझुनवाला द्वारा पुरस्कृत किया गया।
सर्वश्रेष्ठ महिला कवयित्री: रेखा ड्रोलिया
सर्वश्रेष्ठ पुरुष कवि: रामाकांत सिन्हा ‘सुजीत’
सेमीफाइनलिस्ट (कविता श्रेणी): पांडु विश्वास (इन्हें ‘ख्याल’ टैलेंट प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ने का अवसर मिला)
वरिष्ठ वर्ग के अनुभवों को रचनात्मक ऊर्जा में बदलने के ‘ख्याल’ और परिषद के इस साझा दृष्टिकोण की सांस्कृतिक गलियारों में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। अंत में श्री आशीष झुनझुनवाला ने उपस्थित प्रबुद्ध श्रोताओं एवं वरिष्ठ प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
